ईरानी विदेश मंत्री का बयान, US के प्रतिबंधों से भारतीय किसानों को होगा नुकसान

अमेरिका-ईरान विवाद पर ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ भारत दौरे पर हैं। उन्होंनेे अपने बयान में कहा, वह अभी अमेरिका से बात करने की नहीं सोच रहे हैं।

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Iran foreign minister

अमेरिका-ईरान विवाद को लेकर ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ भारत दौरे पर हैं। जावेद जरीफ ने अपने एक बयान में कहा कि वह (ईरान) अभी अमेरिका से बात करने की नहीं सोच रहे हैं। दरअसल, हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने के बाद दोनों देशों में विवाद बड़ गया है।

बता दें कि दोनों (अमेरिका-ईरान) देशों के बीच डायलॉग पूरी तरह से बंद किए गए हैं। ऐसे ईरानी मंत्री का कहना है कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच विवाद सुलझाने में भारत एक अहम रोल अदा कर सकता है। मोहम्मद जावेद जरीफ ने आगे कहा, हम अमेरिका से डरते नहीं हैं, अप्रैल 2018 तक दोनों देश आपस में बात कर रहे थे।

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में भारत अहम रोल निभा सकता है और अमेरिका को वापस बातचीत की टेबल पर ला सकता है। जावेद जरीफ ने कहा, भारत अगर ऐसा प्रस्ताव रखता है तो अमेरिका इनकार नहीं करेगा। अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए जावेद जरीफ ने कहा, अमेरिका को दूसरे देशों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि उसने खुद हिरोशिमा में परमाणु बम का इस्तेमाल किया था ।

गौरतलब है कि ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, ‘अमेरिका ने जो हमारे ऊपर प्रतिबंध लगाए हैं, उसकी वजह से भारत को ईरान से फर्टिलाइजर लेने के लिए ज्यादा पैसा देना होगा। अमेरिकी प्रतिबंध के कारण ही भारत के किसानों को दिक्कत हो रही है। ईरान को भारत के बासमती चावल पसंद हैं, दोनों देश कृषि के क्षेत्र में एकदूसरे की मदद कर सकते हैं।’

बता दें कि ईरानी विदेश मंत्री पिछले कुछ दिनों से भारत के दौरे पर हैं। वह लगातार बैठकें कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की थी।अमेरिका के द्वारा ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने के बाद दोनों देशों में हालात बिगड़ गए थे।

ईरान ने पलटवार करते हुए इराक में मौजूद अमेरिका के एयरबेस को निशाना बनाया था, जिसमें कई जवान घायल भी हुए थे. इसी के बाद अमेरिका ने ईरान पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे, हालांकि दोनों देशों ने इसके बाद कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया है.

दोनों देशों के बीच डायलॉग पूरी तरह से बंद किए गए हैं। ईरानी मंत्री का कहना है कि मौजूदा हालात में भारत एक अहम रोल अदा कर सकता है। मोहम्मद जावेद जरीफ ने कहा कि हम अमेरिका से डरते नहीं हैं, अप्रैल 2018 तक दोनों देश आपस में बात कर रहे थे, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में भारत अहम रोल निभा सकता है और अमेरिका को वापस बातचीत की टेबल पर ला सकता है।

जावेदे जरीफ ने आगे कहा कि भारत अगर ऐसा प्रस्ताव रखता है तो अमेरिका इनकार नहीं करेगा, उन्होंने कहा कि अमेरिका को दूसरे देशों पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि उसने खुद हिरोशिमा में परमाणु बम का इस्तेमाल किया था।

ईरान के विदेश मंत्री बोले कि अमेरिका ने जो हमारे ऊपर प्रतिबंध लगाए हैं, उसकी वजह से भारत को ईरान से फर्टिलाइजर लेने के लिए ज्यादा पैसा देना होगा। अमेरिकी प्रतिबंध के कारण ही भारत के किसानों को दिक्कत हो रही है। ईरान को भारत के बासमती चावल पसंद हैं, दोनों देश कृषि के क्षेत्र में एकदूसरे की मदद कर सकते हैं।

ईरानी विदेश मंत्री पिछले कुछ दिनों से भारत के दौरे पर हैं और लगातार बैठकें कर रहे हैं।हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की थी। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के द्वारा ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने के बाद दोनों देशों में हालात बिगड़ गए थे।

ईरान ने पलटवार करते हुए इराक में मौजूद अमेरिका के एयरबेस को निशाना बनाया था, जिसमें कई जवान घायल भी हुए थे। इसी के बाद अमेरिका ने ईरान पर कई प्रतिबंध लगाए थे

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