New Delhi: हर साल 12 जून को पूरी दुनिया में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस (World Day Against Child Labour 2021) के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देशय बाल श्रम की समस्या पर ध्यान देना है ताकि इसे मिटाने या इसके खिलाफ लड़ने के तरीके खोजे जा सकें।

ये बात किसी से भी नहीं छिपी है कि बच्चों को जबरन काम करने के लिए मजबूर किया जाता है। मादक पदार्थों की तस्करी और वेश्यावृत्ति जैसी अवैध गतिविधियों के लिए बच्चों को काम करवाया जाता है। इस वजह से ही लोगों को बाल श्रम की समस्या के बारे में जागरूक करने और उनकी मदद करने के लिए इस दिन को मनाया जाता है।

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कब हुई थी शुरूआत

इसकी शुरुआत 2002 में अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ (ILO) ने की थी। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम न कराकर उन्हें शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक करना है। संघ के 187 सदस्य देश हैं। ILO ने विश्व में श्रम की स्थितियों में सुधार के लिए कई सम्मेलनों को पारित किया है। 1973 में, ILO सम्मेलन संख्या 138 को अपनाकर रोजगार के लिए न्यूनतम आयु पर लोगों का ध्यान केंद्रित किया गया। जिसका मकसद बाल मजदूरी को खत्म करना था।

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इस साल की थीम

हर साल वर्ल्ड डे अगेंस्ट चाइल्ड लेबर (World Day Against Child Labour 2021) की थीम डिसाइड की जाती है। इस साल बाल श्रम के खिलाफ विश्व दिवस 2021 की थीम ”कोरोनावायरस के दौर में बच्चों को बचाना” रखी गई।

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