टिक टॉक बैन के बाद अमेरिका ने की चीन से ये मांग

भारत में मोदी सरकार ने और अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप ने टिक टॉक को पूरी तरह से बैन कर दिया था।

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TikTok Ban
भारत में मोदी सरकार ने और अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप ने टिक टॉक को पूरी तरह से बैन कर दिया था।

America: भारत में मोदी सरकार ने और अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप ने टिक टॉक को पूरी तरह से बैन (TikTok Ban) कर दिया था। जिसके चलते कई लोग बेरोजगार हो गए थे। लेकिन अब अमेरिका ने अहम कदम उठाया है, अमेरिका का परिचालन बनाए रखने के लिए सौदेवाजी करने का प्लान चल रहा है। साथ ही बाइटेडांस (Byte Dance) नाम की कंपनी लॉन्च करने जा रहा है।

अमेरिका ने टिकटॉक को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा है कि कंपनी अमेरिका के उपयोगकर्ताओं की सूचनाएं चीन की सरकार को सौंप सकती है। अमेरिका की सरकार ने इसका हवाला देते हुए टिकटॉक पर पाबंदियां (TikTok Ban) लगा दी थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि टिकटॉक को अमेरिका में परिचालन जारी रखने के लिए किसी अमेरिकी कंपनी के साथ सौदा करना होगा। इसी के चलते (Byte Dance) अमेरिका में नया टिकटॉक ग्लोबल गठित कर रही है, जिसमें 20 प्रतिशत हिस्सेदारी ओरेकल कॉर्प और वालमार्ट इंक को बेचने का प्रस्ताव है।

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ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह टिकटॉक ग्लोबल (TikTok Ban) की हिस्सेदारी ओरेकल और वालमार्ट को बेचे जाने के सौदे को मंजूरी दे सकते हैं। हालांकि, ट्रंप का कहना है कि इस सौदे में ओरेकल के पास पूरा नियंत्रण रहने की शर्त होनी चाहिए।दरअसल चीन के अधिकारियों ने अभी इस बात का संकेत नहीं दिया है कि क्या प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण के लिये सहमत होंगे, लेकिन सरकारी अखबारों ने इस सप्ताह प्रस्तावित समझौते को बदमाशी और जबरदस्ती बताया था और आलोचना भी की थी।

कुछ अखबरों जैसे टाइम्स नाउ का कहना है कि चीन के पास इस तरह के सौदे को हरी झंडी देने का कोई कारण नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि चीन अपनी कंपनियों (TikTok Ban) के हितों की रक्षा के लिए सभी जरुरी कदम उठाएगा। हालांकि, मंत्रालय ने इस बात पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया था। सवाल ये उठता है कि क्या चीनी कंपनियां नए प्रस्ताव के लिए राजी होगी।

 

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