Mali Crisis: माली में सेना का विद्रोह, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को हिरासत में लिया

माली में हालात काफी खराब हो चुके हैं। माली में विद्रोही सैनिकों ने मंगलवार को देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को हिरासत में ले लिया है।

0
590
Mali Crisis
Mali Crisis: माली में सेना का विद्रोह, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को हिरासत में लिया

Mali: पश्चिम अफ्रीकी देश माली में हालात काफी खराब हो चुके हैं। माली में विद्रोही (Mali Crisis) सैनिकों ने मंगलवार को राष्ट्रपति के निजी आवास को घेर लिया और हवा में गोलियां चलाईं। जिसके बाद देश के राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता (Ibrahim Boubacar Keïta) और प्रधानमंत्री बाउबो सिसेको (Boubou Cissé) विद्रोही सैनिकों ने हिरासत में ले लिया है।

भारत के साथ खड़ा रहने पर अमेरिका राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन ने कही ये बात…

इस विद्रोह (Mali Crisis)  की शुरुआत मंगलवार सुबह, राजधानी बामाको से लगभग 15 किमी दूर एक प्रमुख सैन्य अड्डे के भीतर गोलिबारी के साथ हुई। इसे तख्तापलट का प्रयास माना जा रहा है। वहीं विद्रोही सैनिकों ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को भी बंधक बना लिया है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि इस विद्रोह के पीछे कौन है।

हालांकि इस बीच प्रधानमंत्री ने सैनिकों से हथियार रखने और देश का दिख सर्वोपरि रखने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी नहीं सुनी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका संवाद से हल नहीं हो सकता है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रपति इब्राहिम बाउबकर कीता के विरोध में बमाको की सड़कों पर इकठ्ठा हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विदेशी दूतावासों ने अपने लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी है।

तनाव के चलते नेपाल के पीएम ने किया प्रधानमंत्री मोदी को फोन, स्वतंत्रता दिवस की दी बधाई

यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि कितने सैनिकों ने विद्रोह में भाग लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सैनिकों का विद्रोह वेतन विवाद से प्रभावित था। वेस्ट अफ्रीकन स्टेट्स इकोवास के आर्थिक समुदाय ने विद्रोही सैनिकों को बैरकों में लौटने का आग्रह किया। बयान में कहा गया है, “यह बगावत ऐसे समय में हुई है, जब कई महीनों से इकोवास पहल कर रहा है और सभी मालियन पार्टियों के साथ मध्यस्थता के प्रयास कर रहा है।

बता दें कि माली कभी फ्रांस का उपनिवेश रहा है। माली में 2012 में भी एक तख्तापलट हुआ था, तब से यहां आतंकवाद की घटनाएं बढ़ी है। संयुक्त राष्ट्र ने विद्रोही सैनिकों से अपील की है कि वे बिना शर्त राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को रिहा करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here