कोरोना की वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर, जल्द होगा टीकाकरण

दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की सख्या अब तक करीब 1 करोड़ 76 लाख पहुंच चुकी हैं जबकि इस वायरस के कारण अब तक 6 लाख 80 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

0
339
Vaccine Trail
इस कारण रुका सबसे आगे चल रही कोरोना वैक्सीन का ट्रायल

Delhi: दुनियाभर में कोरोना वायरस (Corona Virus) की वैक्सीन बनाने को लेकर लगातार काम जारी है। दुनियाभर में करीब 23 परियोजनाओं पर इसको लेकर काम चल रहा है, जिसमें से कुछ के ट्रायल अंतिम चरण में हैं यानी कभी भी खुशखबरी मिल सकती है। इस बीच कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर रूस से एक अच्छी खबर आ रही है। रुस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को का कहना है कि सरकार अक्तूबर में नागरिकों को वैक्सीन देने की योजना बना रही है और इसके लिए बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाने की तैयारी हो रही है।

कोरोना वायरस के कारण यूपी सरकार की कैबिनेट मंत्री का निधन

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा है कि सबसे पहले डॉक्टरों और शिक्षकों को कोरोना की वैक्सीन (Corona Vaccine) दी जाएगी। उसके बाद ही अन्य नागरिकों तक इसे पहुंचाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस की इस संभावित वैक्सीन को इस महीने नियामकों की मंजूरी मिल जाएगी। रूस की इस वैक्सीन को मॉस्को के गमलेया इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है। पिछले महीने भी इसको लेकर एक रिपोर्ट आई थी कि रूस जल्द ही वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी दे सकता है। वैज्ञानिक 10 अगस्त या उससे पहले ही वैक्सीन की मंजूरी के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।

विवादित नक्शे को गूगल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भेजेगा नेपाल

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की इस वैक्सीन का अभी दूसरा चरण चल रहा है, लेकिन वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह चरण तीन अगस्त तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद तीसरे चरण के ट्रायल की तैयारी होगी। हालांकि कई विशेषज्ञ रूस की इस वैक्सीन को लेकर चिंता भी जाहिर कर रहे हैं। उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि लोगों को वैक्सीन की खुराक देने से पहले जरूरी सभी टेस्ट किए जा रहे हैं या नहीं। अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथोनी फाउची ने भी इसी तरह की चिंता जताई है। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस साल के अंत तक अमेरिका के पास कोरोना की सुरक्षित और कारगर वैक्सीन होगी। वही रूसी वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने यह वैक्सीन अन्य बीमारियों से लड़ने के लिए पहले से ही निर्मित एक वैक्सीन का संशोधित संस्करण है। इस लिए ये जल्दी तैयार हुई है।

एलएसी पर सर्दियों में भी बरकरार रहेंगी भारतीय सेना की स्थिति

रिपोर्ट में दावा किया गया था कि वैक्सीन बनाने की इस परियोजना के निदेशक अलेक्जेंडर गिन्सबर्ग ने खुद पर भी इस वैक्सीन का टेस्ट किया है। आपको बता दें कि दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक करीब एक करोड़ 76 लाख लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं जबकि इस वायरस के कारण अब तक छह लाख 80 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन की वैक्सीन ChAdOx1 भी ट्रायल के अंतिम चरण में है। अगर सभी परीक्षण होने पर वैक्सीन इस साल के अंत तक बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। वही भारत में वैक्सीन आईसीएमआर और भारत बायोटेक द्वारा तैयार वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) का ट्रयाल चल रहा है, लेकिन ये कब तक बाजार में उपलब्ध होगी, इसको लेकर अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here