Argentina: झील, नदियां और पेड़-पौधे हुए ‘गुलाबी’- कैसे हुआ ये सब?

इंसान के अन्दर सिर्फ लालच भरा हुआ है जिसकी वजह से प्रकृति को क्या-क्या नुकसान हो रहा है वो देखना ही नही चाहता है।

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Argentina News
इंसान के अन्दर सिर्फ लालच भरा हुआ है जिसकी वजह से प्रकृति को क्या-क्या नुकसान हो रहा है वो देखना ही नही चाहता है।

आज के समय में इंसान के अन्दर सिर्फ लालच भरा हुआ है जिसकीवजह से प्रकृति को क्या क्या नुकसान हो रहा है वो देखना ही नही चाहता है ये हालात सिर्फ अपने देश के नहीं बल्कि विदेशों का भी है। इस बीच एक खबर अर्जेंटिना से आयी है जिसमें बताया जा रहा है कि आर्जेंटीना (Argentina News) के दक्षिणी पैटागोनिया इलाके में एक विशाल झील का पूरा पानी ही गुलाबी हो गया है। आपको बता दें कि ये कोई प्रकृति की देन नही है बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन ने हालात बेहद खराब कर दिए है। जो इंसान के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित होता जा रहा है। नदियां, तालाब और झील सूखते जा रहे हैं जो बचे हैं वो प्रदूषण से जुझ रहे हैं।

क्या है पिंक पॉल्यूशन की वजह

जानकारी के अनुसार विशेषज्ञों और environmental activists का कहना है कि इस झील के गुलाबी होने का कारण एक केमिकल है। जिसे सोडियम सल्फाइट केलाम से जाना जाता है जिसके प्रयोग से पूरी झील के पानी को दूषित कर दिया गया है।

झींगा मछली के कारण हुआ ?

जिस सोडियम सल्फाइट का इस्‍तेमाल करके नदी के पानी को दुषित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वो केमिकल झींगा नाम की एक मछली को एक्सपोर्ट करने के लिए स्टॉक किए जाने के लिए होता है सोडियम सल्फाइट ऐंटी बैक्टिरियल प्रॉडक्‍ट है जिसका इस्‍तेमाल मछलियों की फैक्‍ट्री में किया जाता है। ये केमिकल नदी और झीलों में जा रहा है। इसके अलावा मछली का वेस्ट भी नदियों को दूषित कर रहा है।

स्थानीय लोगों का जीना हुआ मुश्किल

स्‍थानीय लोग लंबे समय से नदी और झील के आसपास पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली फैक्ट्रियों की शिकायत कर रहे हैं। लेकिन अब तक कोई एक्‍शन नहीं लिया गया। पर्यावरण कार्यकर्ता भी कई बार प्रोटेस्ट कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। पिछले हफ्ते झील के गुलाबी पानी ने एक बार फिर लोगों को आकर्षित किया है। पिंक पॉल्यूशन (Pink Pollution) सिर्फ नदियों के जल ही दूषित नहीं कर रहा बल्कि प्रदूषण की वजह से  आसपास के कुछ पेड़-पौधे भी गुलाबी रंग में बदल गए हैं।

क्या है कानून ?

कानून के मुताबिक मछलियों के अपशिष्‍ट पदार्थ को नदी या पानी में छोड़ने से पहले उसे साफ करना चाहिए। केमिकल झील या नदी में नहीं जाने चाहिए लेकिन फिर भी झील के पास स्थित कंपनियां कानून का पालन नहीं कर रही हैं।

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