गिरफ्तारी पर सियासत: विपक्ष ने सरकार पर उठाये सवाल, मां ने कहा ये..

कई विपक्षी नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं. कई नेताओं ने ट्वीट करके उसकी गिरफ्तारी को पहले से प्लान किया गया सरेंडर बताया है

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Vikas Dubey

Delhi: 7 दिन पहले कानपुर के बिकरू में हुए शूटआउट (Kanpur Shootout) के मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) को पुलिस ने उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया है. उज्जैन से विकास दुबे को पकड़े जाने पर प्रदेश सरकार इसे बड़ी उपलब्धि मान रही है. लेकिन कई विपक्षी नेताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं. कई नेताओं ने ट्वीट करके उसकी गिरफ्तारी को पहले से प्लान किया गया सरेंडर बताया है और विकास दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया है.

Vikas Dubey Arrest: पकड़ा गया या फिर किया सरेंडकर, पढ़े पूरा मामला

कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट कर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने ट्वीट में लिखा कि कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई. अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है. तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं. यूपी सरकार को मामले की CBI जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगज़ाहिर करना चाहिए.

विकास दुबे (Vikas Dubey) की गिरफ्तरी की खबर आने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजिय सिंह ने एक ट्वीट करते हुए इसपर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने इसमें मध्य प्रदेश बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘यह तो उत्तरप्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने के लिए प्रायोजित सरेंडर लग रहा है. मेरी सूचना है कि मध्यप्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के सौजन्य से यह संभव हुआ है. जय महाकाल.’

दिग्विजय सिंह ने बिना नाम लिए एमपी बीजेपी के किसी वरिष्ठ नेता का नाम मामले में खींचा है. उनके अलावा यूपी के पूर्व मुख्य्मंत्री अखिलेश यादव ने भी दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने भी एक ट्वीट करते हुए पूछा है कि यह सरेंडर है या गिरफ्तारी? उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘खबर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है. अगर ये सच है तो सरकार साफ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी. साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके.’

कांग्रेस नेता शर्मा ने उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुये कहा कि यह शरण और सरेंडर का खेल है. प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है. प्रदेश अपराधियों की चारागाह बन चुका है। कल खबर थी कि आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) झांसी के रास्ते प्रदेश में आ गया है. उन्होंने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी के यूपी में बीजेपी और मध्यप्रदेश में भी बीजेपी से संबंध रहे हैं. जिसके चलते वह प्रदेश में आया. और आरोपी विकास दुबे के यूपी और मध्य प्रदेश में किन-किन लोगों से संबंध रहे हैं इसकी जांच होनी चाहिए.

इससे पहले विकास दुबे (Vikas Dubey) की गिरफ्तारी पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन पुलिस को बधाई दी. शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया कि जिनको लगता है कि महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धुल जाएंगे, उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं. हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख्श्ने वाली नहीं है.. विकास दुबे की गिरफ़्तारी के लिए उज्जैन पुलिस को बधाई.

राजद नेता तेज प्रताप यादव ने भी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोला है. शिवराज सिंह चौहान के उज्जैन पुलिस को बधाई देने संबंधी ट्वीट को शेयर करते हुए तेज प्रताप ने लिखा है कि “विकास” की आड़ में जनता को मुर्ख बनाने के लिए आपको बधाई. उन्होंने आगे लिखा है कि क्या खूब “विकास” किये हो सर. एक “विकास” जिसे आपकी पुलिस बार्डर पर नहीं पकड़ पायी. फिर वही “विकास” उज्जैन मंदिर में जाकर सरेंडर करता है और फिर “सरकारी विकास” के संरक्षण में चीख कर कहता है कि “मैं विकास दुबे हूँ कानपुर वाला”.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया.

वही अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) की मां सरला देवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार जो उचित समझे वो करे, हमारे कहने से कुछ नहीं होगा.

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