UP Election 2022: इस निर्दलीय सीट के सामने भाजपा और बसपा को अपना वर्चस्व बचाना पड़ता है भारी

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UP Election 2022: इस निर्दलीय सीट के सामने भाजपा और बसपा को अपना वर्चस्व बचाना पड़ता है भारी

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Election 2022) काफी नजदीक है। इसी के साथ उत्तर-प्रदेश (Uttar Pradesh) में कुल 403 विधानसभा सीटों पर इलेक्शन होता है। जिसमे 402 सीटों पर कैसा भी घमासान हो लेकिन एक सीट ऐसी भी है जिस पर धनंजय सिंह का दबदबा रहता है। जौनपुर (Jaunpur) के मल्हानी विधानसभा सीट पर वोटों का भारी मतों से बाहुबली धनंजय सिंह (Dhananjay Singh) के पक्ष में जाता है।

जिसके चलते भाजपा (BJP) हो या बसपा (BSP) दोनों को ही अपनी ज़मानत बचाना भरी पड़ जाता है। मल्हानी विधानसभा से निर्दलीय सीट के सदस्य धनंजय सिंह की जिनके सामने बसपा हो या भाजपा हो दोनों को ही अपनी जमानत बचाते नजर आते हैं।

बता दें की समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद व कैबिनेट मंत्री जो सात बार के विधायक भी रह चुके हैं। पारसनाथ यादव 2 बार यहाँ से विधायक रह चुके हैं। 2020 में इनके निधन के बाद पुत्र लक्की यादव (Lucky Yadav) ने उपचुनाव में अपने प्रतिध्वंदी धनंजय सिंह को 4000 वोटों से हराया था।

2002 में आई थी धनंजय सिंह की आंधी

बता दें की 2002 में बाहुबली धनंजय सिंह निर्दलीय चुनावी मैदान में इस सीट पर आये और सपा,बसपा,कांग्रेस और भाजपा सभी को भारी मतों से हराया और अपनी जीत दर्ज की। 2007 में इन्होने दोबारा चुनाव जीता और फिर 2008 में यह बसपा में शामिल हो गए और 2009 में संसद बने। उसके बाद मल्हानी सीट से इनके पिता राजवीर सिंह बसपा से टिकट लेकर विजयी हुए और विधानसभा में अपना कदम रखा।

नए परिसीमन के बाद रारी सीट का नाम मल्हानी रख दिया जिसके बाद इस विधानसभा सीट में बहुत बदलाव आया और ये सीट यादव आधिक्य हो गई। इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने अपने खास प्रत्याशी पारसनाथ यादव को इस सीट पर उतारा।

मोदी लहर में भी नहीं जीत पाए सीट

2012 में मोदी (Modi) लहर में भी भाजपा सीट चौथे नंबर पर रही। समाजवादी पार्टी के नेता पारसनाथ यादव परिसीमन के बाद पहले विधायक चुने गए। 2017 में भी मल्हानी विधानसभा सीट पर अपना जलवा बरक़रार रखा। जबकि बसपा से पिता का टिकट कटने से नाराज़ धनंजय ने अपनी पत्नी जागृति सिंह को निर्दलीय मैदान में उतारा और उनके हाथ निराशा लगी। दूसरे नंबर पर रही जागृति सिंह।

2020 में पारसनाथ यादव की मृत्यु के बाद उनके पुत्र लक्की सिंह ने उपचुनाव में 4000 मतों से विजय प्राप्त की। अभी हाल ही में जिला पंचयत अध्यक्ष चुनाव में अपनी पत्नी श्रीकला सिंह को जिताकर फिर अपनी स्तिथि काफी मज़बूत कर ली। बताया जा रहा अब बाहुबली धनंजय सिंह की स्तिथि काफी मज़बूत है।

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