क्या बच पाएगी महा विकास अघाड़ी, या रुक जाएगी महाराष्ट्र सरकार की गाड़ी

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maharashtra political crisis

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र महा विकास अघाड़ी की सरकार खतरे में दिखाई दे रही है। दूसरी ओर एमएलसी चुनाव के नतीजे के बाद बीजेपी नेता और विधायक पूरे जोश में हैं। साथ ही दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एक बार फिर से देवेंद्र फडणवीस की सरकार बनने जा रही है। लेकिन ये इम्तिहान इतना आसान नहीं होगा।

क्योंकि बागी हुए विधायक एकनाथ शिंदे के बागी होने के साथ इतने विधायक बागी नहीं हुए हैं कि वो दलबदल विरोधी कानून से बच सकें। राजनीति का यही सिद्धांत है कि खुद की जीत सबसे अहम होती है, और ऐसी ही महाराष्ट्र बीजेपी की मंशा से है। वो किसी भी तरह महाविकास अघाड़ी को गिराकर एक बार फिर से राज्य में बीजेपी की सरकार बनाना चाहती है।

बागी हुए शिंदे, खतरे में आई उद्धव की कुर्सी

सोमवार को हुए एमएलसी चुनाव की वजह से सीएम उद्धव ठाकरे की कुर्सी भी ख़तरे में आ गई है। दरअसल, एमएलसी चुनाव में एकनाथ शिंदे ने 26 बागी विधायकों के साथ मिलकर क्रॉस वोटिंग की। और उसके बाद सभी विधायकों को लेकर वो गुजरात के सूरत चले गए।

माना जा रहा है कि शिंदे, सीएम उद्धव से गुजारिश करेंगे कि वो एनसीपी से गठबंधन तोड़कर फिर से बीजेपी के साथ समझौता कर गठबंधन कर लें। औऱ अगर ऐसा नहीं होता है तो सभी बागी विधायक इस्तीफा दे देंगे।

दल-बदल कानून से बच सकती है सरकार

महाराष्ट्र में शिंदे समेत कुल 26 विधायक बागी हुए हैं। बागी हुए विधायकों में से कुछ निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं। सभी बागी विधायक दलबदल कानून की जद में आ सकते हैं। दरअसल, महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 विधायक हैं, इसका दो-तिहाई 36.6 बैठता है। अगर 37 विधायक शिंदे के साथ आ जाएं तो वो दल-बदल कानून से बाहर हो जाएंगे। लेकिन क्योंकि अभी विधायकों की संख्या 26 है तो फिलहाल ये होना मुश्किल लगता है।

बीजेपी भी इस बात से वाकिफ है, बीजेपी की कोशिश रहेगी कि राज्य में फिर से चुनाव हों ताकि ज्यादा सीट जीतकर वो फिर से सरकार बनाने की प्लानिंग कर सके।

राज्य की राजनीति में बीजेपी सिंपल फंडा अपना रही है। जिससे MVA (Maharashtra Political Crisis) की सरकार गिराई जाए और फिर सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू हो। जिसके बाद राज्य में चुनाव फिर से कराएं जाएं और बीजेपी जीतकर दोबारा सरकार बनाए।

क्या कहता है महाराष्ट्र का गणित

महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सदस्य हैं, इसके लिहाज से सरकार बनाने के लिए 145 विधायक चाहिए होते हैं। लेकिन शिवसेना के एक विधायक का निधन हो गया है, जिसके चलते अब 287 विधायक बचे हैं और सरकार के लिए ये संख्या 144 हो गई है।

बागी होने से पहले शिवेसना की अगुवाई वाली महा विकास अघाड़ी के पास 169 विधायकों का समर्थन हासिल था जबकि बीजेपी के पास 113 विधायक और विपक्ष में 5 अन्य विधायक हैं।

ये 26 विधायक हुए हैं बागी
  1. तानाजी सावंत
  2. बालाजी कल्याणकर
  3. प्रकाश आनंदराव आबिटकर
  4. एकनाथ शिंदे
  5. अब्दुल सत्तार
  6. संजय पांडुरंग
  7. श्रीनिवास वनगा
  8. महेश शिंदे
  9. संजय रायमुलकर
  10. विश्वनाथ भोएर
  11. संदीपन राव भूमरे
  12. शांताराम मोरे
  13. रमेश बोरनारे
  14. अनिल बाबर
  15. चिंमणराव पाटील
  16. शंभूराज देसाई
  17. महेंद्र दलवी
  18. शाहाजी पाटील
  19. प्रदीप जैस्वाल
  20. महेन्द्र थोरवे
  21. किशोर पाटील
  22. ज्ञानराज चौगुले
  23. बालाजी किणीकर
  24. भरतशेत गोगावले
  25. संजय गायकवाड
  26. सुहास कांदे
कैसे बागी हुए विधायक बिगाड़ सकते हैं महाराष्ट्र सरकार का गणित

लेकिन बागी हुए विधायकों की संख्या में एक पेंच भी हैं। क्योंकि बागी हुए 26 विधायकों का समर्थन अगर हट जाए तो शिवसेना के पास 143 विधायक बचते हैं। ऐसे में 2 या 3 निर्दलीय विधायक भी अगर इन बागी हुए विधायकों में आ जाएं तो ठाकरे सरकार के लिए विधानसभा में बहुमत साबित करना आसान नहीं होगा।

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