‘जिंदा बेटा दिया था, आपने क्या हाल कर दिया’, CRPF जवान के परिजनों ने नहीं लिया शव

0
320
CRPF Constable Suicide
CRPF Constable Suicide

CRPF Constable Suicide: सोमवार को जोधपुर में नरेश जाट नाम के एक CRPF जवान ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को मृतक के परिजनों ने शव लेने से इंकार करते हुए अपनी मांगों को लेकर मॉर्चरी के सामने धरना देना शुरू कर दिया।

नरेश जाट ने अपने अधिकारियों पर उसे परेशान करने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो भी बनाया था। घटना के 24 घंटे बाद भी परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। दरअसल, मामले में करवड़ पुलिस ने CRPF के 5 जवानों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परिजन चाहते हैं कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती वो शव को नहीं लेंगे।

अबतक नहीं हुई गिरफ्तारी

मामले में CRPF के एएसआई सतवीर, एसआई अर्जुन सिंह, हेड कांस्टेबल बहादुर यादव, सुशील और संजय के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक इनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। आत्महत्या से पहले नरेश जाट ने एक वीडियो भी बनाया था, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इसके अलावा 7 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें नरेश ने अधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

क्या है परिजनों की मांग?

परिजनों ने मृतक नरेश जाट (CRPF Constable Suicide) का शव लेने से इंकार कर दिया है और मॉर्चरी के सामने धरना देना शुरू कर दिया है। परिजनों की मांग है कि जिन आरोपियों पर मामला दर्ज है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। नरेश की बेटी को बालिग होने पर सरकारी नौकरी दी जाए। नरेश की पत्नी को को आजीवन पेंशन और नरेश के अंतिम संस्कार के दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाए।

नरेश के पिता लिखमाराम ने CRPF के अधिकारियों से कहा, “मैंने जिंदा बेटा दिया था, आप लोगों की वजह से उसका ये हाल हो गया। उसे अब ले जाकर क्या करूं। शहीद होता तो सलामी देकर उसका शव ले लेता।”

मांग पर क्या बोले कमिश्नर?

इस पूरे मामले में जोधपुर पुलिस कमिश्नर रवि दत्त गौड़ का बयान सामने आया है। कमिश्नर ने कहा है कि, “सोमवार को परिजन मांग कर रहे थे कि इनका मुकदमा दर्ज होना चाहिए। हमने मुकदमा दर्ज कर लिया था। अब सरकारी नौकरी, मुआवजा, पेंशन और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।”

क्या है मामला?

जोधपुर के पुलिस कमिश्नर ने CRPF जवान के मौत की पुष्टि की। उन्होंने इस आत्महत्या के मामले में जानकारी देते हुए बताया कि, “आत्महत्या से पहले नरेश जाट ने रविवार की शाम को CRPF ट्रेनिंग सेंटर में अपनी पत्नी और बेटी के साथ ख़ुद को सरकारी क्वॉर्टर में बंद कर लिया था। जवान ने 18 घंटों तक पत्नी और बेटी को कमरे में बंधक बनाकर रखा। वो बीच बीच में बालकनी में आकर इंसास राइफल और 40 कारतूस से हवाई फायर भी कर रहा था। इस दौरान उसे समझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन वो थोड़ा बेकाबू हो गया था और अपने ऑफिसर्स के भी कंट्रोल में नहीं आ रहा था।”

पुलिस कमिश्नर ने आगे बताया कि, “रात भर जवान ने हथियार अपने पास रखा। जवान को समझाने के लिए इसके साथियों को भी बुलाया गया और सोमवार सुबह जोधपुर IG भी आए। इसकी पत्नी से भी अधिकारियों ने बात की लेकिन, ये माना नहीं।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here