बिहार में सिपाही भर्ती घोटाला, अनफिट होकर कैसे हुए फिट ?

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Bihar News
सिपाही भर्ती परीक्षा में अनफिट घोषित कर दिया गया उन्हें फिर से 3 महीने बाद फिट घोषित कर दिया गया है।

सरकारी नौकरी पाना बेहद मुश्किल होता है, और अगर किसी व्यक्ति को सीट मिल भी गई तो फर्जीवाड़े से बचना आसान नहीं है। ऐसा ही एक मामला बिहार (Bihar News) में सिपाही भर्ती परीक्षा में फिटनेस घोटाले पर हुआ है। एक बार जिन अभ्यर्थियों को अनफिट घोषित कर दिया गया उन्हें फिर से 3 महीने बाद फिट घोषित कर दिया गया है। अनफिट और फिट के गेम की वजह से जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। केंद्रीय चयन पर्षद ने खुलासा होने के बाद मेडिकल जांच पर सवाल खड़ा करते हुए उच्च स्तरीय फिटनेस जांच का आदेश जारी कर दिया गया है। 

 

बिहार में कैसे हुआ घोटाला ?

2019 में सिपाही भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था। चयनित सिपाही अभ्यर्थियों की मेडिकल जांच पटना की सिविल सर्जन डॉ विभा कुमारी और चीफ मेडिकल ऑफिसर की अध्यक्षता में गठित बोर्ड में 26 जुलाई 2021 से 29 जुलाई 2021 के बीच कराई गई थी। जिसके बाद 42 अभ्यर्थियों को अलग-अलग कारणों से अनफिट घोषित कर दिया गया था। इनमें से 35 लोगों ने सवाल खड़े करते हुए फिट होने का दावा किया। 5 दिसंबर 2021 को पटना की सिविल सर्जन डॉक्टर विभा को फिर से मेडिकल जांच करने को कहा गया, 30 दिन बाद ही पटना की सिविल सर्जन और चीफ मेडिकल ऑफिसर ने उन्हीं 35 अनफिट में से 32 को फिट कर दिया। इनमें दो अनुपस्थित रहे जबकि एक को अनफिट बताया गया।

15 दिसंबर को जारी आदेश में गड़बड़ी का खुलासा किया गया

बिहार सरकार (Bihar Government) के परिवहन विभाग के उप सचिव की तरफ से 15 दिसंबर को जारी आदेश में गड़बड़ी का खुलासा किया गया। आदेश में कहा गया है कि जिनको अनफिट घोषित किया गया वे कभी ठीक नहीं सकते हैं। इसमें कलर विजन और आई विजन को सही नहीं किया जा सकता है। अब पटना मेडिकल कॉलेज में ऐसे अभ्यर्थियों की जांच जब होगी तब और चौंकाने वाला खुलासे हो सकते हैं।

किसलिए बताया गया अनफिट और फिर हुए फिट

  1. दोनों घुटनों का आपस में सटना
  2. आंख की साइट कम होना
  3. डिफेक्टिव कलर विजन
  4. राइट साइड आई हाइड्रोस्केल
  5. लेफ्ट साइड आई हाइड्रोस्केल
  6. सुनाई कम देना
  7. परफोरेशन ईयर

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