पकड़ा गया या फिर किया सरेंडकर, पढ़े पूरा मामला

कानपुर के बिकरू में हुए शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे को घटना के सात दिन के बाद उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया। वह महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था।

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Vikas Dubey arrest

Uttar Pradesh: कानपुर से फरार हुआ गैंगस्टर विकास दुबे पकड़ा (Vikas Dubey Arrest) जा चुका है। विकास दुबे को गुरुवार सुबह मध्य प्रदेश के उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। वह महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। यूपी समेत तीन राज्यों की पुलिस उसकी (Vikas Dubey Arrest) तलाश कर रही थी। पिछले सात दिनों से उसके दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और मध्यप्रदेश में छिपने की खबरें सामने आ रही थी।

विकास दुबे हुआ गिरफ्तार, उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़ा गया

ऐसा कहा जा रहा है कि विकास खुद सरेंडर करने गया था। उसने गुरुवार सुबह बाबा महाकाल के दर्शन के लिए वीआईपी एंट्री (VIP Entry) के लिए 250 रुपए की रसीद कटवाई। इसके बाद वह महाकाल बाबा के दर्शन के लिए मंदिर में पहुंचा। दर्शन के बाद विकास वहां मौजूद जवानों के पास गया और बोला कि मैं कानपुर वाला विकास दुबे हूं, मुझे पकड़ लो। कयास लगाया जा रहा है कि एनकाउंटर में मारे जाने के डर के कारण विकास दुबे आत्मसमर्पण करना चाहता था।

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इसके बाद महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों न उसकी सुचना पुलिस को दी। फिर थोड़ी देर में पुलिस आई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि उज्जैन पुलिस विकास को यूपी एसटीएफ को सीधे सौंपने की तैयारी में है। उसे कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा।

विकास दुबे पिछले 2 दशकों से गुंडागर्दी करता आ रहा था। इतना ही नहीं पिछले दो दशकों से कई राजनीतिक पार्टियों से विकास का जुड़ाव भी रहा है। सरकारें बदलती गई और विकास दुबे अपनी जड़े जमाए रहा। विकास के गांव  में उसके नाम का खौफ यह है कि वह लोगों की पिटाई भी करता है, धमकी भी देता है। इसके बावजूद भी विकास के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाता क्योंकि राजनीतिक संरक्षण या फिर पुलिस विभाग के कई अधिकारियों के साथ उसका उठना बैठना भी है। बीते गुरुवार की रात 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद इस बात का खुलासा भी हुआ था कि कई पुलिसकर्मी भी विकास के साथ जुड़े हुए हैं।

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बता दे वर्ष 2001 में विकास दुबे ने पुलिस थाने में घुसकर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। इसी मामले में पुलिस गुरुवार की रात दबिश देने गई थी। इस दौरान विकास दुबे और उसके साथियों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस फायरिंग के दौरान डीएसपी, दरोग समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद जैसे पूरे देश में हलचल मच गई थी। एक विकास दुबे ने पूरी प्रदेश की फोर्स को खूब नचाया लेकिन आखिरकार हफ्तेभर में उसकी गिरफ्तारी भी हो गई।

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