बिकरु कांड में मिलेगी कड़ी सजा, धारा-34 में हुए बदलाव

बिकरु कांड एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। सजा के लिए लगाई गई धारा-34 आगे तक बढ़ा दी गई है।

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Vikas Dubey Case
बिकरु कांड एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। सजा के लिए लगाई गई धारा-34 आगे तक बढ़ा दी गई है।

Kanpur: कुछ समय पहले हुआ बिकरु कांड (Vikas Dubey Case) एक बार फिर से चर्चा में आ गया है। सजा के लिए लगाई गई धारा-34 आगे तक बढ़ा दी गई है। इस धारा के बढ़ने से अब आरोपियों को पहले से ज्यादा कड़ी सजा मिलेगी। इसके साथ ही सरकारी कार्य में बाधा और विस्फोटक अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। बता दें पुलिस ने चौबेपुर थाने में विकास दुबे और उसके साथियों पर भारतीय दंड सहिंता के अनुसार हत्या, जान से मारने की कोशिश, डकैती समेत कई मामलों में धारा-34 लगाई थी।

जानकारी के मुताबिक जांच के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ धारा-34 (Vikas Dubey Case) बढ़ा दी है। इसके अलावा आरोपितों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ ही विस्फोटक पदार्थ अधिनियम का आरोप भी बढ़ाया गया है, क्योंकि वारदात में बम का इस्तमाल किया गया था। बाद में तलाशी में पुलिस को दो किलो बारूद भी मिला था। पुलिस ने पूर्व में लगाई गई डकैती की धारा 394 को हटाकर उसके स्थान पर हत्यायुक्त डकैती की धारा 396 लगाई है। इसके अलावा आइपीसी की धारा 504 (जानबूझकर अपमान करना) और 506 (धमकी देने) की बढ़ोत्तरी भी की गई है।

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धारा 34 में किसी अपराध की सजा की बारे में नहीं बताया गया है, बल्कि एक ऐसे अपराध के बारे में बताया गया है जो गिरोहबंद होकर किया गया हो। ऐसे अपराध में सभी योजनाबद्ध (Vikas Dubey Case) होकर घटना को अंजाम देते हैं। इसमें शामिल हर व्यक्ति आपराधिक कार्य के लिए अपनी भूमिका निभाता है तो सजा का ऐसे हकदार होता है मानो वह कार्य अकेले उसी ने किया हो। ऐसे में घटना में सबसे बड़े अपराध की सजा के बराबर दंड का प्रावधान है। आइपीसी की (धारा-34) के अनुसार जब एक आपराधिक कृत्य दो या अधिक लोग सामान्य इरादे से करते हैं तो हर व्यक्ति ऐसे कार्य के लिए जिम्मेदार होता है।

 

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