पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले पूर्व जवान की याचिका खारिज

वाराणसी संसदीय सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीमा सुरक्षा बल के बर्खास्त जवान तेज बहादुर का नामांकन पत्र रद्द

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Uttar Pradesh News
वाराणसी संसदीय सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीमा सुरक्षा बल के बर्खास्त जवान तेज बहादुर का नामांकन पत्र रद्द

Uttar Pradesh: यूपी के वाराणासी लोकसभा सीट से पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर को सुप्रीम से झटका (Uttar Pradesh News) मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने 2019 के लोकसभा चुनाव में वाराणसी संसदीय सीट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सीमा सुरक्षा बल के बर्खास्त जवान तेज बहादुर का नामांकन पत्र रद्द होने के मामले में दायर याचिका को मंगलवार को रद्द (Uttar Pradesh News) कर दिया।  

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तेज बहादुर ने याचिका में आरोप लगाया था कि पीएम के दबाव में गलत तरीके से चुनाव अधिकारी ने उनका नामांकन रद्द किया। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने 18 नवंबर को तेज बहादुर की अपील पर सुनवाई पूरी की थी।बता दें प्रमाण पत्र संलग्न नहीं है कि उसे भ्रष्टाचार या शासन के साथ विश्वासघात करने के कारण सशस्त्र बल से बर्खास्त नहीं किया गया है। दरअसल तेज बहादुर 2017 में सीमा सुरक्षा बल से बर्खास्त किया गया जवान था। क्योंकि उसने एक वीडियो में आरोप लगाया था कि सशस्त्र बल के जवानों को घटिया किस्म का भोजन दिया जाता है।

आपको बता दें निर्वाचन अधिकारी ने पिछले साल एक मई को तेजबहादुर (Uttar Pradesh News) का नामांकन पत्र अस्वीकार कर दिया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस निर्णय के खिलाफ तेज बहादुर की याचिका खारिज कर दी थी। बर्खास्त जवान ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। 

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इस पर न्यायालय ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने तेज बहादुर का नामांकन उचित तरीके से खारिज किया था या अनुचित तरीके से, यह उनकी पात्रता पर निर्भर करता है। पिछली सुनवाई में प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ ने तेजबहादुर की ओर से पेश अधिवक्ता से सवाल किया था, हमें आपको स्थगन की छूट क्यों देनी चाहिए। आप न्याय की प्रक्रिया का दुरुपयोग कर रहे हैं। आप बहस कीजिए। 

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