यूपी सरकार सुनि़श्चित करें विकास दुबे जैसी घटना दोबारा ना हो : SC

चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने विकास दुबे मामले की जांच कर रहे यूपी सरकार के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

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Rajasthan Political crisis update

Delhi: बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कानपुर के गैंगस्‍टर विकास दुबे एनकाउंटर (Vikas Dubey Update) मामले में कोर्ट की निगरानी में CBI या SIT जांच की याचिका पर सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को विकास दुबे मामले से निपटने वाले अधिकारियों की भूमिका और निष्क्रियता की जांच करने का आदेश दिया. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात की भी जांच हो कि जमानत रद्द करने के क्या प्रयास किए गए थे. चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने विकास दुबे मामले की जांच कर रहे यूपी सरकार के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं. प्रधान न्यायाधीश ने यूपी सरकार को राज्य में ऐसी घटना फिर से नहीं हो ये सुनि़श्चित करने के लिए कहा.

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सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बीएस चौहान के नेतृत्व में विकास दुबे कांड (Vikas Dubey Update) की जांच होगी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार के सुझाव पर मुहर लगाई हैं जिसमें सरकार ने पूर्व पुलिस महानिदेशक के एल गुप्ता भी जांच आयोग में शामिल की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक हफ्ते में जांच आयोग काम शुरू करे. यूपी सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुनवाई के दौरान कहा कि जस्टिस चौहान लॉ कमीशन के चेयरमैन भी रह चुके हैं और उन्होंने जांच आयोग के लिए सहमति भी जताई है.

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सुप्रीम कोर्ट ने जांच कमीशन को एक हफ्ते में गठित करने को कहा, जो उसके अगले एक हफ्ते में जांच शुरू कर देगी. न्यायालय ने कहा कि सचिव.स्तर के अधिकारी केन्द्र सरकार मुहैया कराएगी यूपी सरकार नहीं. दो महीने में आयोग अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगा. आयोग हर पहलू की गंभीरता से जांच करेगा.

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