राज्यसभा चुनाव के लिए प्रकाश का नामांकन रद्द, बीएसपी कैंडिडेट का पर्चा वैध

राज्यसभा चुनाव के लिए 10 सीटों पर बसपा प्रत्याशी का नामांकन हो गया है। बसपा पार्टी में उटापटक का महौल जारी है।

0
186
Rajya Sabha Election
राज्यसभा चुनाव के लिए 10 सीटों पर बसपा प्रत्याशी का नामांकन हो गया है। बसपा पार्टी में उटापटक का महौल जारी है।

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) के लिए 10 सीटों पर बसपा प्रत्याशी का नामांकन हो गया है। इस बीच सपा निर्दलीय उम्मीदवार प्रकाश बजाज (Prakash Bajaj) का पर्चा निरस्त कर दिया गया है। जिसकी वजह से बसपा पार्टी में उटापटक का महौल चल रहा है। जानकारी के मुताबिक नामांकन पत्रों की जांच में बसपा प्रत्याशी रामजी लाल (Ramji Lal) गौतम का पर्चा वैध पाया गया। 

राज्यसभा चुनाव से पहले BSP को लगा झटका, अखिलेश के पाले में बसपा के पांच विधायक

सूत्रों के मुताबिक अब 10 सीटों पर 10 ही उम्मीदवार मैदान (Rajya Sabha Election) में रह गये हैं और उन सभी के निर्वाचित होने की संभावना शुरु हो गई है। दरअसल, गौतम के नामांकन में प्रस्तावक रहे चार बसपा विधायकों असलम राइनी, असलम चौधरी, मुज्तबा सिद्दीकी और हाकिम लाल बिंद ने बुधवार को ही निर्वाचन अधिकारी को सौंपे गये शपथपत्र में कहा था कि राज्य सभा चुनाव के लिये बसपा प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के तौर पर किये गये उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं।  

आपको बता दें इस वक्त विधानसभा सदस्यों (Rajya Sabha Election) की संख्या के हिसाब से देखें तो बीजेपी के पास 304 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 विधायकों के वोटों की जरूरत होती है। यानी 296 विधायकों के बल पर बीजेपी के आठ प्रत्याशियों की जीत तय है। आठ सीटें जिताने के बाद बीजेपी के पास आठ विधायक बच रहे हैं। जबकि, नौ विधायक बीजेपी के सहयोगी ‘अपना दल’ के पास बताए जा रहे हैं। 

एनडीए और महागठबंधन के बीच होगी टक्कर, सीटें बचाना बड़ी चुनौती

गौरतबल है कि 10 सीटों के लिए होने वाले इस चुनाव में बीजेपी ने आठ प्रत्याशी उतारकर एक तरह से बीएसपी की मदद की थी। माना भी जा रहा था कि अगर प्रकाश बजाज का नामांकन नहीं होता तो एसपी और बीएसपी के एक-एक प्रत्याशी के साथ बीजेपी के आठ प्रत्याशियों के बीच चुनाव नहीं होता और सभी 10 प्रत्याशी जीत जाते। 11वें उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने के बाद यह गणित एकदम साफ हो चुका है। खास बात यह है कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बड़ी बात कही है। मायावती (Mayawati) ने कहा कि एसपी के साथ गठबंधन करना जल्दबाजी थी। हमारी पार्टी को ऐसा नहीं करना चाहिए था। साथ ही कहा कि बीजेपी का साथ देना होगा तो जरुर देंगे। 

राजनीति से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें Political News in Hindi 


देश और दुनिया से जुड़ी Hindi News की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें. Youtube Channel यहाँ सब्सक्राइब करें। सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करें, Twitter पर फॉलो करें और Android App डाउनलोड करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here