पीएम ने की ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान’ की शुरुआत

उत्तर प्रदेश में स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार (Rojgar Yojna) के लिए औद्योगिक संगठनों और अन्य संस्थानों को साथ जोड़ना है।

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Rojgar Yojna
Atamnirbhar UP Rojgar Yojna

Delhi: शुक्रवार को पीएम मोदी (PM Modi) ने आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान (Rojgar Yojna) की शुरुआत करते हुए कहा, ‘जो मेहनत यूपी (Uttar Pradesh) की सरकार ने की है, हम कह सकते हैं कि एक प्रकार से अब तक कम से कम 85 हजार लोगों का जीवन बचाने में वो कामयाब हुई है। आज अगर हम अपने नागरिकों का जीवन बचा पा रहे हैं, तो ये भी बहुत संतोष की बात है।

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आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देने और (Rojgar Yojna) रोजगार के मौके उपलब्ध कराने के लिए औद्योगिक संगठनों और अन्य संस्थानों को साथ जोड़ना है। राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण साझा सेवा केन्द्र और कृषि विज्ञान केन्द्रों के जरिए इस अभियान के उद्घाटन के साक्षी बने। पीएम (PM Modi) ने कहा, ‘श्रम की ताकत हम सभी ने महसूस की है। श्रम की इसी शक्ति को आधार बनाकर भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू किया गया।’

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इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने राज्य के छह जिलों के ग्रामीणों से बातचीत की। कोरोना वायरस के परिप्रेक्ष्य में सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों के गांव सामान्य सुविधा केंद्रों व कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से इस कार्यक्रम जुड़े। अभियान की शुरुआत करने से पहले पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘थोड़ी देर में मैं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोजगार अभियान की शुरुआत करूंगा। इसके तहत प्रवासी कामगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।’

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पीएम मोदी ने कहा, ‘लॉकडाउन के दौरान गरीबों को भोजन की दिक्कत न हो, इसके लिए जिस तरह योगी सरकार ने काम किया है वो भी अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत यूपी ने बहुत तेज़ी से गरीबों और गांव लौटे श्रमिक साथियों तक मुफ्त राशन पहुंचाया। आज जब दुनिया में कोरोना का इतना बड़ा संकट है, तब उत्तर प्रदेश ने जो साहस दिखाया, जो सूझबूझ दिखाई, जो सफलता पाई, जिस तरह कोरोना से मोर्चा लिया, जिस तरह स्थितियों को संभाला, वो अभूतपूर्व है, प्रशंसनीय है। आगे भी किसी को नहीं पता कि इस बीमारी से कब मुक्ति मिलेगी। इसकी एक दवाई हमें पता है। यह दवाई है दो गज की दूरी। यह दवाई है- मुंह ढकना, फेसकवर या गमछे का इस्तेमाल करना। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनती, हम इसी दवा से इसे रोक पाएंगे।’

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के 31 जिलों को इस योजना के तहत शामिल किया गया है और राज्य सरकार इस अवसर का उपयोग श्रमिकों के कल्याण के लिए कर रही है। 25 श्रेणियों के काम पर ध्यान देने के साथ विभिन्न विभागों को काम देने का लक्ष्य रखा गया है और 1.25 करोड़ श्रमिकों को काम मिलेगा। वहीं, इसमें प्रति दिन 60 लाख श्रमिकों को काम दिया जाएगा।

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