उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से मंडी के व्यापारियों का लाखों का नुकसान, कैसे होगा समाधान

मंडी के ये सरकारी कर्मचारी सुधरने का नाम नही ले रहे, इनके भ्रष्टाचार के चलते मंडी के कई व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।

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CM Yogi Adityanath
मंडी के ये सरकारी कर्मचारी सुधरने का नाम नही ले रहे, इनके भ्रष्टाचार के चलते मंडी के कई व्यापारियों को नुकसान हो रहा है।

Uttar Pradesh: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) मंडियों और किसानों की आमदनी को बढ़ाने को लेकर प्रयास तो कर रहे है, लेकिन एटा मंडी सचिव और मंडी के ये सरकारी कर्मचारी सुधरने का नाम नही ले रहे, इनकी लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते मंडी के कई व्यापारियों का लाखों की मूंगफली, मक्का,बाजरा पानी-पानी हो गया। 

जिसमें मंडी कर्मियों की घोर लापरवाही के चलते व्यापारियों का लाखों का नुकसान हो गया, तो वही अब ये पीड़ित गल्ला मंडी व्यापारी डीएम से अपने नुकसान की इन लापरवाह मंडी सचिव और कर्मचारियों से लाखों के नुकसान की भरपाई की मांग करते हुए नुकसान की भरपाई की गुहार लगा रहे है, वही एटा जिलाधिकारी अंकित अग्रवाल ने मंडी सचिव और ईओ को नाले, नालियों की सफाई की सफाई करने के सख्त निर्देश दिए है।

आपको बता दें कि ये पूरा मामला एटा गल्ला मंडी का है जहाँ मानसून की पहली बरसात ने बरसात से पहले नालों की सफाई के नाम पर लाखों के घोटाले की पोल खोल दी, वही मंडी आढ़तियों की लाखों रुपए की मूंगफली बर्बाद हो गई, बारिश के चलते मंडी के चौक नाली नालों से पानी बाहर नही निकला और जलभराव होंने के कारण दुकानों और प्लेटफार्म के अंदर पानी घुस गया।

मंडी की दुकानों में अंदर रखे लाखों का मक्का और वाजरा भी भीगने के कारण आढ़तियों का 30 लाख से ज्यादा का बड़ा नुकसान पहुंचा है, मामले में नुकसान से आक्रोशित आढ़तियों ने मीडिया को बताया कि यहाँ के मंडी सचिव और मंडी स्टाफ दौनों को बारिष से 15 दिन पहले ही हम लोगों ने नालों की सफाई के लिए बता दिया था कि मानसूनी बरसात आने वाली है यहाँ की जलनिकासी को नाले और नालियां की साफ सफाई करा दी जाए, पर हर बार की तरह बात अनसुनी कर दी।

कागजों पर ही नालों की सफाई कराकर लाखों रुपये सफाई के नाम पर डकार गए, जिससे मंडी ब्यापारियों का लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई करना बेहद मुश्किल है। वही आपको बता दें कि मंडी समिति में हर वर्ष साफ सफाई के लाखों के टेंडर निकाले जाते है उनको ठेकेदार फर्म बनाकर ले लेते हैं और काग़ज़ी में ही साफ सफाई हो जाती है और मंडी सचिव और प्रशाशन की मिली भगत से लाखों के धन को निकाल कर बन्दर बांट कर लिया जाता है।

वही ब्यापारियों ने परेशान होते हुए जिले के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि जब हम सरकार को सभी प्रकार के टेक्स समय से दे रहे हैं तो हमारा इन मंडी कर्मचारियों व सचिव की अनदेखी व लापरवाही से जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई इनसे कराई जाए। वही साथ ही मंडी के नाले,नाली की सफाई कराते हुए जलनिकासी का अविलंब कार्य कराया जाये जिससे ब्यापारियों का आगे और अधिक नुकसान न हो। 

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