UP में जल्द शुरू होगा शराब का उत्पादन, 11 तरह के उद्योगों के संचालन को सरकार ने दी अनुमति

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उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के चलते लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से रुका शराब का उत्पादन जल्द ही फिर से शुरू होने जा रहा है. इसके लिए आबकारी विभाग के प्रमुख सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने शासनादेश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि फुटकर शराब की दुकानों का संचालन शुरू कराने से पहले डिस्टलरी में उत्पादन शुरू कराएं.

बता दें कि आबकारी आयुक्त के पत्र के आधार पर उन्होंने ये आदेश दिया है, उन्होंने शराब के उत्पादन के समय सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना से बचाव की शर्तों का पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं. दरअसल, शराब समेत उत्तर प्रदेश में 11 तरह के उद्योगों को सशर्त संचालन की अनुमति
प्रदेश सरकार ने लॉकडाउन के बीच दी है.

सराकार ने उद्योगों के संचालन की अनुमति कई कड़ी शर्तों के साथ दी है. गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते गड़बड़ाई अर्थव्यवस्था को ट्रैक पर लाने के लिए ये महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सरकार के निर्देशानुसार, उद्यमी 50 प्रतिशत कर्मियों के साथ उद्योगों का संचानन शुरू कर सकेंगे, लेकिन उन्हें केंद्र व राज्य सरकार, जिला प्रशासन की ओर से महामारी के संक्रमण के रोकथाम के लिए जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा.

नियमों का पालन न किए जाने पर इकाइयों का संचालन तत्काल बंद करा दिया जाएगा. मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर सतत प्रक्रिया उद्योगों व आवश्यक सेवाओं से जुड़े उद्योगों के संचालन के संबंध में कई महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं. मुख्य सचिव ने कहा है कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन को लेकर लगातार संशय की स्थिति बन रही है और केस टू केस आधार पर संचालन की अनुमति मांगी जा रही है.

मुख्य सचिव ने शासन के अधिकारियों व जिलाधिकारियों को जारी निर्देश में कहा है कि स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, रसायन, उर्वरक, वस्त्र (परिधान छोड़कर), फाउंड्रीज, पेपर, टायर, कॉमन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट व चीनी मिलों के संचालन की अनुमति दी जा रही है. इन इकाइयों को कच्चा माल के परिवहन व आवश्यक मेंटेनेंस सेवाओं की भी अनुमति रहेगी. इन इकाइयों के संचालन के लिए किसी स्तर से अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी.

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