PM मोदी ने साझा की ये कविता, प्रसिद्ध भजन गायक ने यूं की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी एक कविता साझा की है, जिसको प्रसिद्ध भजन गायक पंकज उदास ने सराहा है। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात शनिवार को तमिलनाडु के प्राचीन शहर महाबलीपुरम में हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने ये कविता लिखी थी।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी एक कविता साझा की है, जिसको प्रसिद्ध भजन गायक पंकज उधास ने सराहा है। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक मुलाकात शनिवार को तमिलनाडु के प्राचीन शहर महाबलीपुरम में हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने ये कविता लिखी थी।

ट्वीट-

पीएम मोदी ने अब महाबलीपुरम में लिखी अपनी एक कविता साझा की है। उन्होंने लिखा, ‘कल महाबलीपुरम में सवेरे तट पर टहलते-टहलते सागर से संवाद करने में खो गया। ये संवाद मेरा भाव-विश्व है।’ इस संवाद भाव को शब्दबद्ध करके आपसे साझा कर रहा हूं।

पीएम मोदी की कविता-

हे… सागर!!!

तुम्हें मेरा प्रणाम!

तू धीर है, गंभीर है,

जग को जीवन देता, नीला है नीर तेरा।

ये अथाह विस्तार, ये विशालता,

तेरा ये रूप निराला।

हे… सागर!!!

तुम्हें मेरा प्रणाम!

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस कविता की सराहना करते हुए भजन गायक पंकज उधास लिखा है, ‘अद्भुत संदेश के साथ अद्भुत अभिव्यक्ति।’

मालूम हो कि प्रधानमंत्री मोदी पहले भी कविताएं लिखते रहे हैं। जानकारी के अनुसार, साल 2007 में ‘आंख आ धन्य छे’ नाम से गुजराती के संकलन उनकी कुल 67 कविताएं प्रकाशित हई थीं। इस संकलन का अंजना संधीर ने हिन्दी में अनुवाद किया और ‘आंख ये धन्य है’ नाम से यह प्रकाशित हुआ।

ख़बर के अनुसार, आलोचकों ने इन कविताओं को जिंदगी की आंच में तपे हुए मन की अभिव्यक्ति माना है, और मोदी की कई कविताएं काव्य कला की दृष्टि से अच्छी हैं।

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