Kanpur Kidnapping Case: दोस्तों ने ही अपहरण कर की हत्या, परिजनों ने कहा पुलिस है जिम्मेदार

कानपुर के बर्रा से 22 जून को लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का अपहरण फिरौती के लिए उसके दोस्त ने साथियों के साथ मिलकर  किया था। 26 जून को उसकी हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी।

0
433
Kanpur Kidnapping Case

Uttar Pradesh: कानपुर पुलिस (Kanpur Kidnapping Case) के ऊपर एक बार फिर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। एक और हत्या का मामला सामने आया है। बर्रा क्षेत्र में रहने वाले एक लैब असिस्टेंट संजीत की अपहरण के बाद उसकी हत्या कर दी गई। 22 जून को लैब असिस्टेंट का अपहरण (Kanpur Kidnapping Case) हुआ था। लाचार और परेशान परिजन उसे छुड़ाने के लिए चौकी प्रभारी, थानेदार से लेकर पुलिस अधीक्षक तक के चक्कर लगाते रहे।

बता दें कि घर वालों ने पुलिस के कहने पर अपहरणकर्ता को पैसे देने (Kanpur Kidnapping Case) का फैसला किया था। 1 पुलिस को विश्वास था कि वो बदमाशों को पकड़ लेगी। लेकिन 13 जुलाई को पुलिस को चकमा देकर 30 लाख की फिरौती वसूल कर फरार हो गए और पुलिस देखती रह गई। सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर ये भी सामने आई है कि संजीत के पीता ने बताया है कि जो 30 लाख रुपये अपहरणकर्ताओं को दिए गए वह सारे नकली नोट थे।

वहीं गुरुवार की रात पुलिस ने दो दोस्त कुलदीप, रामबाबू समेत चार युवकों और एक युवती को हिरासत में लिया है। पूछताछ में आरोपितों ने 26 जून को ही हत्या करके शव पांडु नदी में बहाया जाना कबूल किया है। पुलिस ने बताया कि कुलदीप संजीत के साथ सैंपल कलेक्शन का काम करता था। उसने रतनलाल नगर में किराये पर कमरा ले रखा है। 22 जून की रात शराब पिलाने के बहाने वह संजीत को अपने कमरे पर लाया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया।

Kanpur Shootout: विकास दुबे के घर से AK 47 बरामद

अब घटना के एक महीने बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि संजीत की मौत हो चुकी है। यह खबर सुनते ही परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के चलते संजीत की जान चली गई। इस घटना के बाद एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इंस्पेक्टर रणजीत राय को निलंबित कर दिया था। इसके बाद एसओजी, सर्विलांस टीम और कई थानों की पुलिस खुलासे में लगाई गईं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here