PDP को लगा बड़ा झटका, संस्थापक ने छोड़ी पार्टी

मुजफ्फर हुसैन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मुजफ्फर हुसैन 1998 में पीडीपी की स्थापना के समय से पार्टी से जुड़े थे।

0
130
Jammu-Kashmir News
मुजफ्फर हुसैन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। मुजफ्फर हुसैन 1998 में पीडीपी की स्थापना के समय से पार्टी से जुड़े थे।

Jammu-Kashmir: पीडीपी के संस्थापक मुजफ्फर हुसैन (Muzaffar Hussain) ने पार्टी से इस्तीफा (Jammu-Kashmir News) दे दिया है। बता दें जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।  पीडीपी संरक्षक महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) को पार्टी छोड़ने के फैसले के बारे में बता दिया है। संस्थापक मुजफ्फर हुसैन 1998 में पीडीपी की स्थापना के समय से पार्टी (Jammu-Kashmir News) से जुड़े हुए हैं।  

LoC पर गोलाबारी के बाद विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी राजनयिक को किया तलब

सूत्रों ने बताया कि वह पीपुल्स एलांयस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) द्वारा सीट बंटवारे, खासकर उत्तर कश्मीर में सीट बंटवारे को लेकर (Jammu-Kashmir News) नाराज हैं। बता दें पीएजीडी में नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और माकपा शामिल है। इन सब के बीच महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर पीएजीडी को जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान की रक्षा की है। साथ ही 2019 को लेकर लगातार हमला बोला है। 

अहम बात यह है कि पीएजीडी के साथ सीटों (Jammu-Kashmir News) का तालमेल किया गया, लेकिन पीडीपी को क्या मिला? ज्यादातर सीटें नेशनल कांफ्रेंस के पास ही हैं, पीडीपी तो पीछे चलने वाली एक पार्टी बन गई है। मुजफ्फर हुसैन ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के लोगों का हित चाहते हैं, हम उन्हें झूठे ख्वाब क्यों दिखाएं। पहले कुछ कहें और बाद में कुछ, ये मेरी फितरत नहीं है। 

महबूबा ने दिया भड़काऊ बयान, जानें क्या कहा

संगठन के भीतर अपनी पकड़ को मजबूत रखने के लिए महबूबा मुफ्ती ने मुजफ्फर हुसैन बेग (Muzaffar Hussain) को पार्टी संरक्षक नियुक्त किया था। जिसके बाद बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार चलाने के महबूबा मुफ्ती के तौर तरीकों और बयानबाजी से कभी सहमत नहीं थे। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम को लागू किए जाने के लिए भी वह महबूबा मुफ्ती को ही जिम्मेदार ठहराते नजर आए थे।

बेग ने कई बार कहा कि अगर महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) अनुच्छेद 370 और राष्ट्रध्वज को लेकर भड़काऊ बयान न देती तो जम्मू-कश्मीर की संवैधानिक स्थिति की दशा और दिशा अलग होती। आपको बता दें कि कांग्रेस ने भी पीएजीडी को अपना समर्थन दिया है. जम्मू-कश्मीर में 28 नवंबर से 24 दिसंबर के बीच आठ चरणों में डीडीसी चुनाव करवाए जाने है।   

राज्यों से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें State News in Hindi


देश और दुनिया से जुड़ी Hindi News की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें. Youtube Channel यहाँ सब्सक्राइब करें। सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करें, Twitter पर फॉलो करें और Android App डाउनलोड करें. 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here