दिल्ली में बाल मजदूरी को खत्म करने के लिए डीसीपीसीआर ने पिछले एक साल में 331 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) से बाल श्रम को खत्म करने के लिए विभिन्न कानूनों के तहत कार्य कर रहा है।

0
612
Delhi Child Labour News
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) से बाल श्रम को खत्म करने के लिए विभिन्न कानूनों के तहत कार्य कर रहा है।

New Delhi: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) दिल्ली से बाल श्रम को खत्म करने के लिए अलग-अलग कानूनों के तहत कार्य कर रहा है।

  • डीसीपीसीआर ने पिछले तीन सालों में 202 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया था, बाल श्रम से बच्चों को बचाने के डीसीपीसीआर के कार्यों में इस वर्ष 490 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई
  • जनता द्वारा बाल मजदूरी की जानकारी देकर इसे रोका जा सकता है, डीसीपीसीआर के व्हाट्सएप नंबर 9599001855 पर बाल श्रम की घटनाओं की जानकारी देने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया है- अनुराग कुंडू
  • डीसीपीसीआर ने लोगों को बाल श्रम की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन योजना बनाई है, बाल श्रम की जानकारी देने और सफलतापूर्वक बचाने पर 1 हजार का पुरस्कार दिया जाता है, लोग बाल श्रम की जानकारी देकर 10 हजार रुपये तक जीत सकते हैं

Arvind Kerjriwal

डीसीपीसीआर ने तीन साल में (2016-17 से 2019-20) के बीच 202 बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया, जबकि पिछले एक साल (2020-21) में 331 बच्चों को बचाया। विभिन्न उम्र के बच्चे फैक्ट्रियों, बैकरी यूनिटों, खरात मशीन इकाइयों, ऑटो इकाइयों के अलावा आवासीय कॉलोनियों में भी घरेलू नौकर के रूप में काम कर रहे थे। इन्हें उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम), दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग, चाइल्डलाइन और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की मदद से बचाया गया है।

इसके अलावा एसडीएम की ओर से बाल मजदूरी कराने वाली इकाइयों और घरों को सील किया गया है। दिल्ली पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज की गई है। इन बच्चों को उसी दिन बाल कल्याण समितियों के समक्ष पेश किया गया। इसके अलावा बच्चों के पुर्नवास के लिए उनके परिवारों का पता लगाने के लिए जांच की गई।

इस तरह के अधिकांश मामलों में न्यूनतम मजदूरी का भुगतान न करना, लंबे समय तक काम करने के घंटे, और अस्वासथ्यकर हालात देखने को मिले। डीसीपीसीआर ने 2020-21 में 331 बच्चों को बचाव कार्यों के जरिए बाल श्रम से मुक्त कराया है। जबकि पिछले तीन सालो में 202 बच्चों के बाल मजदूरी से मुक्त कराया है। दिल्ली को बाल श्रम मुक्त करने की प्रतिबद्धता को दिखाते हुए डीसीपीसीआर के बचाव कार्यों में लगभग 490 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

कोविड 19 महामारी और बेरोजगारी के कारण परिवारों की कम आय ने बच्चों को भी मजदूरी की ओर धकेल दिया है। इसलिए इन बच्चों का पुनर्वास अत्यंत महत्वपूर्ण है। डीसीपीसीआर ऐसे बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूलों में नामांकन कराने और विभिन्न सरकारी योजनाओं में परिवार की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। डीसीपीसीआर ने जिन बच्चों को बचाया है उनके लिए आर्थिक मदद की प्रक्रिया शुरू की है।

डीसीपीसीआर के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने कहा कि बाल श्रम को केवल जनता द्वारा जानकारी देकर रोका जा सकता है। लोगों को डीसीपीसीआर के व्हाट्सएप नंबर 9599001855 पर बाल श्रम की घटनाओं की जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया है। उन्होंने बाल श्रम की जानकारी देने वाले लोगों को डीसीपीसीआर द्वारा पुरस्कृत करने की योजना की जानकारी दी।

डीसीपीसीआर ने लोगों को बाल श्रम की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रोत्साहन योजना बनाई है। प्रत्येक बाल श्रम की जानकारी देने और सफलतापूर्वक बचाने पर 1 हजार का पुरस्कार दिया जाता है। लोग बाल श्रम की जानकारी देकर 10 हजार रुपये तक जीत सकते हैं।

राज्यों से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें State News in Hindi


देश और दुनिया से जुड़ी Hindi News की ताज़ा खबरों के लिए यहाँ क्लिक करें. Youtube Channel यहाँ सब्सक्राइब करें। सोशल से जुड़ने के लिए हमारा Facebook Page लाइक करें, Twitter पर फॉलो करें और Android App डाउनलोड करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here