इस्लाम कबूल कर लूंगा तो कौन रोकेगा- उपेंद्र कुशवाहा

अपनी इच्छा से कोई भी व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकता कोई रोक नहीं सकता ये हमारा संवैधानिक अधिकार है। मैं कर लूं तो कौन रोकेगा

0
275
Upendra Kushwaha
अपनी इच्छा से कोई भी व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकता कोई रोक नहीं सकता ये हमारा संवैधानिक अधिकार है। मैं कर लूं तो कौन रोकेगा

Patna: धर्मा परिवर्तन को लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। इस बीच जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने कहा कि अपनी इच्छा से कोई भी व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकता कोई रोक नहीं सकता ये हमारा  संवैधानिक अधिकार है। मैं इस्लाम धर्म कबूल करना चाहूंगा तो मुझे कौन रोक सकता है।  इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि जातीय जनगणना हमारी पार्टी की पुरानी मांग है और हम किसी भी कीमत पर इससे पीछे नहीं हटेंगे।

बता दें समय जातीय जनगणना के मुद्दे की चर्चा हर जगह चल रही है। केंद्र सरकार द्वारा भी स्पस्ट कर दिया गया है कि जाति आधारित जनगणना सिर्फ SC/ST वर्ग के लिए है। जानकारी के अनुसार, कई बार अलग-अलग राज्यों के मसले पर स्थानीय हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट  भी केंद्र सरकार से कह चुकी है कि पिछड़े वर्गो के लिए योजना बनाते वक्त उनकी संख्या भी बताइए  हालांकि उस तरीके से जनगणना नहीं हुई।

कुशवाहा के बयान पर बीजेपी का पलटवार

पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन (Rajeev Ranjan) ने कहा है कि वोट के लिए धर्म छोड़ने की मंशा रखने वाले बेहतर ऑफर मिलने पर कुछ भी कर सकते हैं। उपेंद्र कुशवाहा के बक्सर में दिये बयानों के तुरंत बाद ही  ये पलटवार किया गया है और इसे सीधे वोट बैंक की राजनीति से जोड़ते हुए जदयू पर सीधा आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि जाति-धर्म व्यक्तिगत और सामाजिक मसले हैं  इसके राजनीतिक प्रयोग से हर जिम्मेवार राजनीतिक दल को बचना चाहिए। उन्होंने जदयू से सीधे तौर पर सवाल भी किया है कि समाज में विभेद फैलाना कहां तक उचित है. यह ट्वीट उन्होंने जदयू के उस मांग पर की है, जिसमें उसने जातिगत जनगणना कराने की मांग की है। 

Also Read: ट्रैक्टर से संसद तक का सफर, किसानों को आतंकी मानती है सरकार…मैं संदेश लेकर आया- राहुल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here