नीतीश कुमार का आरजेडी पर निशाना, कहा- अब लालटेन की जरुरत नहीं..

मुख्यमंत्री (Nitish Kumar Digital Rally) ने कोरोना संकट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में इस समय प्रतिदिन डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो रही। और सबसे ज्यादा जांच एंटीजन टेस्ट से हो रही है।

0
162
Nitish Kumar Digital Rally
नीतीश कुमार का आरजेडी पर निशाना, कहा- अब लालटेन की जरुरत नहीं..

Delhi: बिहार चुनाव (Bihar Election 2020) के मद्देनजर आज सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने पहली डिजिटल रैली (Digital Rally) की। नीतीश कुमार (Nitish Kumar)  ने कोरोना (Covid19) टेस्ट से लेकर बिजली पर अपनी सरकार के काम गिनाते हुए विपक्षियों पर हमला किया। उन्होंने कहा (Nitish Kumar Digital Rally) कि बोलने वाले तो कुछ भी बोलते रहते हैं, उन्हें तथ्यों की जानकारी तो होती नहीं। बिहार में अब घर-घर बिजली आ गई है, तो अब लालटेन की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कोरोना संकट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में इस समय प्रतिदिन डेढ़ लाख से ज्यादा लोगों की जांच हो रही। और सबसे ज्यादा जांच एंटीजन टेस्ट से हो रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार ने कोरोना महामारी से मौत होने की परिस्थिति में परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा देने का फैसला लिया है।

DRDO को मिली बड़ी उपलब्धि, रक्षा मंत्री ने कहा आत्मनिर्भर भारत को मिला बढ़ावा

सीएम नीतीश (Nitish Kumar Digital Rally) कुमार ने कहा कि कोरोना का जो दौर चला उस पर मार्च से हम लोगों ने ध्यान देना शुरू कर दिया था। जांच में शीघ्रता के लिए राज्य सरकार 10 आरटीपीसीआर मशीन खरीद रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर के प्रवासी लोगों को 14 दिन क्ववारंटीन सेंटर में रखा। 15 लाख से ज्यादा लोग वापस बिहार आए। क्वारंटीन सेंटर में एक व्यक्ति पर 14 दिन में 5,300 रुपये खर्च किए गए। केंद्र और हमने राशन के मामले में भी लोगों की मदद की। हम प्रचार नहीं, सेवा करते हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में ठीक होने वालों का प्रतिशत सबसे ज्यादा 88.24 फीसदी है। होम आइसोलेशन के अलावा कोविड केयर, कोविड हेल्थ सेंटर और कोविड अस्पताल इन त्रिस्तरीय व्यवस्था में इलाज किया जा रहा। अगर किसी स्वास्थ्य कर्मी की मौत होती है, तो आश्रित को नौकरी देने का फैसला लिया गया है। केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य कर्मियों को 50 लाख का बीमा दिया गया है।

गवर्नर कॉन्फ्रेंस में पीएम बोले, सरकार की नहीं ये देश की शिक्षा नीति है

नीतीश कुमार (Nitish Kumar Digital Rally) ने कहा कि कोरोना के इलाज के लिए बिहटा (पटना), पताही (मुजफ्फरपुर) में केंद्र 500-500 बेड का अस्पताल तैयार कर रही है। हम तो रोजगार सृजन भी कर रहे हैं। बोलने वाले पता नहीं कुछ भी बोल रहे हैं, उन्हें पता भी नहीं कि क्या काम चल रहा है। राज्य सरकार की तरफ से 5,50,246 योजनाओं में 14 लाख से ज्यादा रोजगार का सृजन किया गया है। औसतन प्रतिदिन लगभग दस लाख लोगों को काम मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों से कोरोना से और सतर्क रहने की अपील की। और कहा कि बाढ़ और सूखा के कारण 83 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ प्रभावित हुए। सामुदायिक किचन से पूरे राज्य में 10 लाख लोगों को खाना खिलाया। साथ ही कोरोना की जांच भी करवाई। बाढ़ की वजह से 16 से भी ज्यादा जिले प्रभावित हैं। हम हरसंभव लोगों को राशन पहुंचा रहे हैं। जरा याद कीजिए कि आपदा के वक्त पहले क्या करते थे।

NCB लगातार दूसरे दिन रिया से कर रही पूछताछ, कई बॉलीवुड सेलेब्स के नाम आए सामने

मुख्यमंत्री (Nitish Kumar Digital Rally) ने कहा कि कृषि आधारित उद्योग के लिए नई नीति बनाई। केंद्र की योजना से अलग राज्य सरकार अपने खजाने से मिड डे मील की राशि लाभार्थियों के खाते में दे रही है। बिहार में अपराध के ग्राफ में भी गिरावट आई। 2005 में हमने सत्ता संभाली और तब से लेकर हम अपराध पर जीरो टॉलरेंस का रुख अपनाए हुए हैं। बिहार में ज्यादातर अपराध की वजह भूमि विवाद है। इसके अलावा आपस में लोग परिवार का बंटवारा नहीं करते थे क्योंकि रजिस्ट्री का चार्ज काफी ज्यादा होता था। लेकिन अब परिवार में बंटवारे के लिए 100 रुपये का सांकेतिक रजिस्ट्री चार्ज लगता है। नीतीश कुमार ने कहा कि हमसे पहले जिन लोगों ने सत्ता चलाई उन्होंने क्या किया, कब्रिस्तान और मंदिरों का हाल ही देख लीजिए। न कब्रिस्तान की घेराबंदी थी और न ही मूर्ति चोरी रोकने के उपाय थे। हमने 6099 कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाई। मंदिर में मूर्ति चोरी रोकने के लिए 226 मंदिरों में चहारदीवारी निर्माण कार्य पूरा कर दिया। हमने भागलपुर दंगों की जांच पूरी करवाई। कई ऐसे काम थे जो हमने करवाए।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक्ट्रेस कंगना रनौत को दी वाई श्रेणी की सुरक्षा

उन्होंने कहा कि पहले तो गड्ढे में सड़क दिखती थी, अब कोई भी खुद देख सकता है। हमको जब काम करने का मौका मिला तो हमने लक्ष्य रखा कि कहीं से भी राजधानी पटना आने में 6 घंटे से ज्यादा समय न लगे। वो लक्ष्य पूरा हुआ तो हमने अब समय को घटाकर 5 घंटे करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सड़कों का चौड़ीकरण और नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है। 54,461 करोड़ रुपयों की लागत से हमने सड़कों का निर्माण करवाया है। जो बच्चे थे उस वक्त, उन्हें हमारे लोग बताएं कि पहले बिहार का क्या हाल था और अब कितना अच्छा हो चुका है। ये नए युवा वोटरों को बताना जरूरी है ताकि वो गलत लोगों के साथ न जाएं। नीतीश कुमार (Nitish Kumar Digital Rally) ने कहा कि जब मैं सांसद के तौर पर मोकामा टाल इलाके में घूम रहा था तो 8 साल के एक बच्चे ने मुझसे कहा कि अब हम पढ़ेंगे नहीं। स्कूल में टीचर नहीं थे तो कहीं स्कूल ही नहीं था। लेकिन हमने न सिर्फ स्कूल बनाए, बने स्कूलों को ठीक किया बल्कि शिक्षकों की भी बड़े पैमाने पर नियुक्ति की।

उत्तर प्रदेश में तीन बार के विधायक की दिनदहाड़े हत्या

नीतीश कुमार (Nitish Kumar Digital Rally) ने कहा रिसर्च के अनुसार महादलित बच्चे स्कूल पहुंच ही नहीं पाते थे। इसीलिए हमने 20 हजार टोला सेवकों और तालीमी मरकज को काम पर लगाया और इन बच्चों को स्कूल पहुंचाया। पांचवी क्लास के बाद तो लोग बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर देते थे क्योंकि उसके लिए ढंग के कपड़ा चाहिए होते थे, हमने पोशाक योजना शुरू कर गरीब मां-बाप को स्कूल भेजने के लिए माहौल तैयार किया। हमने बच्चियों के लिए साइकिल योजना शुरू किया। हर परिवार की बेटी को साइकिल मिली और वो स्कूल जाने लगीं। इससे बेटियों में मनोबल बढ़ा। कई बार तो लड़कों ने मुझे दौरे में कहा कि अंकल हम लोगों के लिए लिए भी कुछ कीजिए। तो हमने लड़कों के लिए भी में साइकिल योजना शुरू की। बिहार में सत्ता संभालने वक्त प्रजनन दर 4.3 था लेकिन हमने इसे घटाकर 3.2 किया। हमने प्रजनन दर घटाने के लिए भी काम किया। पूरे देश में औसत 1.7 पत्नियां 12वीं पास हैं जबकि बिहार में ये औसत 1.6 है। हमने पंचायतों में उच्च माध्यमिक शिक्षा शुरू की। और ये अभी भी काम प्रगति पर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here