अपने सेलेक्शन पर टीम इंडिया के पूर्व कोच कर्स्टन का खुलासा

गैरी कर्स्टन 2008 में दो साल के लिए कोच बने थे। 2009 में टीम इंडिया टेस्ट में नंबर-1 बनी थी। जिसके बाद उनका कार्यकाल एक साल बढ़ गया था।

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Gary Kriston
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Delhi: 2011 में विश्वविजेता भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन (Gary Kriston) ने अपने सेलेक्शन को लेकर एक खुलासा किया है। उन्होनें कहा कि बिना अनुभव और आवेदन के उनका भारतीय टीम के मुख्य कोच (Coach) के लिए सेलेक्शन (Selection) हुआ और वो भी सिर्फ 7 मिनट में। दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के पूर्व बल्लेबाज गैरी कर्स्टन को पूर्व भारतीय कप्तान (Capton) और सेलेक्शन कमेटी (Selection Committee) के सदस्य सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने ईमेल करके इंटरव्यू (Interview) के लिए बुलाया था।

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उन्होंने (Gary Kriston) कहा, ‘‘मुझे सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) का एक ई-मेल मिला था। उन्होंने पूछा कि क्या मैं भारतीय टीम का कोच बनना चाहता हूं। मैंने उसे फर्जी समझा। उन्होंने दूसरा मेल भेजकर इंटरव्यू के लिए बुलाया। मैंने वह मेल पत्नी को दिखाया। उन्होंने भी कहा कि यह गलती से आया होगा। हमने इसे मजाक समझा, क्योंकि मेरे पास कोई कोचिंग का अनुभव नहीं था।’’

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कर्स्टन ने कहा, ‘‘मैं इंटरव्यू के लिए आया तो सबसे पहले अनिल कुंबले (Anil Kumble) से मिला। तब वे भारतीय टीम के कप्तान थे। उन्होंने मुझे आने का कारण पूछा। मैंने कहा कि आपका कोच बनने के लिए इंटरव्यू देने आया हूं। इतना कहकर हम दोनों ही हंसने लगे। 10 मिनट बाद मैं इंटरव्यू के लिए अंदर गया। गंभीर माहौल में मुझसे पूछा गया कि भारतीय टीम के भविष्य के लिए मेरा प्लान क्या है? मैंने कहा कि अभी कुछ भी प्लान नहीं है, क्योंकि मैं जल्दी में आया हूं और कुछ भी तैयारी नहीं की।’’

पूर्व कोच ने कहा, ‘‘सेलेक्शन कमेटी के सदस्य रवि शास्त्री ने मुझसे पूछा कि भारतीय टीम के हराने के लिए तुम्हारी दक्षिण अफ्रीका टीम में क्या रणनीति बनाई जाती थी। तब मैंने उनकी बात का जवाब दो-तीन मिनट में दे दिया, लेकिन तब मैंने रणनीति नहीं बताई थी। सेलेक्शन कमेटी मुझसे इम्प्रेस थी। इंटरव्यू को 7 मिनट ही हुए थे और अधिकारियों ने कॉन्ट्रेक्ट पेपर मुझे दे दिए थे। मैंने पहला पेज देखा, लेकिन मुझे उसमें मेरा नाम नहीं मिला। उस पर पूर्व कोच ग्रेग चैपल का नाम था। मैंने कॉन्ट्रेक्ट पेपर वापस कर दिया। तब उन्होंने जेब से पेन निकाला और चैपल का नाम काटकर मेरा नाम लिख दिया।’’

गैरी कर्स्टन 2008 में दो साल के लिए कोच बने थे। 2009 में टीम इंडिया टेस्ट में नंबर-1 बनी थी। जिसके बाद उनका कार्यकाल एक साल बढ़ गया था। कर्स्टन की कोचिंग महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में भारत ने 2011 में वनडे वर्ल्ड कप जीता था। कर्स्टन को भारत के सबसे सफल कोचों में गिना जाता है।

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