देश को विश्व विजेता बनाने वाला कप्तान करना चाहता था आत्महत्या, किया ये खुलासा

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kapil dev

इंडियन क्रिकेट में अहम मुकाम हासिल करने वाला एक ऐसाल कप्तान जिसने भारत में क्रिकेट को एक अलग पहचान दिलाई, जिनकी कप्तानी में ही भारत ने पहली बार विश्व कप जीता. वह नाम है कपिल देव. आपको बता दें कि कपिल देव की अगुवाई में ही टीम इंडिया ने साल 1983 में वेस्टइंडीज जैसी दिग्गजों से भरी टीम को वर्ल्ड कप फाइनल में हराया और लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीती.

हालांकि, वर्ल्ड कप जीतने के 17 साल बाद इसी विश्व विजेता कप्तान पर एक ऐसा आरोप लगा, जिसके बाद कपिल देव इतने आहत हुए कि उन्होंने आत्महत्या करने का मन बना लिया. बता दें कि जुलाई,  2000  में कपिल देव (Kapil Dev) पर पूर्व ऑलराउंडर मनोज प्रभाकर ने मैच फिक्सिंग का आरोप लगा था.

प्रभाकर ने आरोप   लगाते हुए दावा किया था कि साल 1994 में कपिल देव ने उन्हें घूस देने की कोशिश की थी. इस आरोप के दौरान कपिल देव टीम इंडिया के कोच थे. प्रभाकर के आरोपों के बाद कपिल देव पर मीडिया, राजनेताओं ने दबाव बनाया और उन्हें टीम इंडिया के कोच का पद छोड़ना पड़ा.

मामले की जब सीबीआई जांच हुई तो कपिल देव निर्दोष पाए गए. सीबीआई ने मनोज प्रभाकर को ही मैच फिक्सिंग का दोषी पाया. इस मामले पर कपिल देव वर्ष 2002 में एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने आत्महत्या तक की बात कह डाली थी. कपिल देव ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में अपनी बात सामने रखी और इस दौरान वो फफक-फफक कर रो पड़े.

कपिल देव ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो पैसा लेने से पहले खुदकुशी करना पसंद करते. कपिल देव ने कहा था, ‘मैं किसी से पैसा लेने से पहले आत्महत्या कर लेता. मेरा सारा पैसा ले लीजिए, मुझे नहीं चाहिए. मैं ऐसे परिवार से आता हूं जहां इज्जत सबसे बड़ी चीज है.’

कपिल देव अपने करियर के दौरान कुल 131 टेस्ट और 225 वनडे मैच खेले. उन्होंने 434 टेस्ट विकेट अपने नाम किए और वनडे में उन्हें 253 विकेट मिले. कपिल देव ने बल्लेबाजी में भी अपना दम दिखाया और टेस्ट में उन्होंने 31.05 की औसत से 5248 रन बनाए. अपने टेस्ट करियर में कपिल ने 8 शतक और 27 अर्धशतक लगाए. इसके अलावा उन्होंने 225 वनडे मुकाबलों में 23.79 की औसत के साथ 3783 रन बनाए. जिसमें उन्होंने एक शतक और 14 अर्धशतक लगाए.

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