क्यों किया जाता है प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का महत्व विशेष होता है। इस दिन भगवान शिव के साथ शनि भगवान की भी पूजा की जाती है।

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Shani Pradosh 2020
क्यों किया जाता है प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

New Delhi: इस साल का आखिरी शनि प्रदोष व्रत आज है। पुराणों के अनुसार इस व्रत को करने से लम्बी आयु का वरदान मिलता है। शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसे शनि प्रदोष व्रत (Shani Pradosh 2020) कहा जा रहा है। बता दें कि हर महीने की शुक्ल और कृष्ण पक्ष में प्रदोष का व्रत आता है।

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शनि प्रदोष व्रत का महत्व (Shani Pradosh Vrat Mahatva)

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का महत्व विशेष होता है। इस दिन भगवान शिव के साथ शनि भगवान की भी पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिदेव भगवान शिव को अपना गुरु मानते हैं इसलिए इस दिन दोनों की पूजा (Shani Pradosh 2020) साथ की जाती है। शनिवार के दिन दोनों देवों की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है।

शनि प्रदोष शुभ मुहूर्त (Shani Pradosh Shubh Muhurat)

पूजा का समय आज शाम को 5 बजकर 25 मिनट से लेकर रात 08 बजकर 09 मिनट तक रहेगा।

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शनि प्रदोष व्रत विधि (Shani Pradosh Vrat Vidhi)

1. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्‍नान करके स्वच्छ धुले हुए कपडे़ पहने।
2. स्नान के बाद भगवान शिव का ध्‍यान करें। और उनके मंत्रों का जाप करें।
3. सुबह भगवान शिव को बेलपत्र, गंगाजल, अक्षत, धूप, दीप अर्पित करें।
4. इसके बाद व्रत का संकल्‍प लें और पूरे दिन भर व्रत रखें।
5. प्रदोष काल में भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करें।
6.इस बार शनिवार को पर्दोष पड़ने के कारण शनिदेव का भी पूजन करें।
7.पूरे दिन मन ही मन शिव जी के ‘ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें।

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