दुर्गा अष्टमी पर कैसे करें नवरात्रि हवन? जानें विधि सामग्री और मंत्र

आज शरदीय नवरात्रि है और इसे महाष्टमी भी कहा जाता है। आज के दिन हवन पूजा की जाती है। दुर्गा अष्टमी का हवन कैसे करें...

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Navratri 2021
आज शरदीय नवरात्रि है और इसे महाष्टमी भी कहा जाता है। आज के दिन हवन पूजा की जाती है। दुर्गा अष्टमी का हवन कैसे करें...

आज शरदीय नवरात्रि Navratri 2021 है और इसे महाष्टमी भी कहा जाता है। आज के दिन हवन पूजा की जाती है। अगर आप भी घर पर दुर्गा अष्टमी का हवन कर रहे तो आज हम आपको बताएंगे कि कैसे नवरात्रि की सामग्री का इस्तेमाल करें और हवन के लिए पूजा विधि का कैसे यूज करें आइए जानते है इसके बारे में…

हवन विधि

  • महागौरी की पूजा करने के बाद पूजा स्थान Navratri 2021 पर ही हवन कुड को रखें
  • सभी हवन सामग्री को एक पात्र में अच्छे से मिला लें
  • कर्पूर की मदद से अग्नि प्रज्वलित करें

हवन साम्रगी

  • एक गोला या सूखा नारियल
  • लाल रंग का कपड़ा या कलावा
  • एक हवन कुंड और सूखी लकड़ियां, चंदन की लकड़ी, बेल, नीम, पीपल का तना और छाल, गूलर की छाल और पलाश यूज करें
  • काला तिल
  • कपूर
  • चावल
  • गाय का घी
  • लौंग
  • लोभान
  • इलायची
  • गुग्गुल
  • शक्कर
  • जौ

हवन मंत्र

  • ओम भैरवाय नम: स्वाहा
  • ओम कुल देवताय नम: स्वाहा
  • ओम स्थान देवताय नम: स्वाहा
  • ओम ब्रह्माय नम: स्वाहा
  • ओम विष्णुवे नम: स्वाहा
  • ओम शिवाय नम: स्वाहा
  • ओम जयंती मंगलाकाली, भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा
  • ओम आग्नेय नम: स्वाहा
  • ओम गणेशाय नम: स्वाहा
  • ओम गौरियाय नम: स्वाहा
  • ओम नवग्रहाय नम: स्वाहा
  • ओम दुर्गाय नम: स्वाहा
  • ओम महाकालिकाय नम: स्वाहा
  • ओम हनुमते नम: स्वाहा

आपको बता दें आखिरी में मां दुर्गा को दक्षिणा दें, अपने सामर्थ्य के हिसाब से पैसे चढ़ाए। मां दुर्गा की आरती और मां महागौरी की आरती करें। इस तरह से दुर्गा अष्टमी का हवन पूरा हो जाएगा। 

घटस्थापना वाले स्थान की करें साफ

नवरात्रि के पहले दिन ही घटस्थापना की जाती है। इस जगह को साफ करने पर आपके लिए लाभदायक होगा। इसलिए आप गंगा जल छिड़ककर स्थान को शुद्ध कर सकते है।

स्वास्तिक पर ज्यादा ध्यान दें

मांगलिक कार्यों में स्वास्तिक निशान बनाकर उसकी भी पूजा की जाती है। स्वास्तिक शुभकारी और मंगलकारी होता है। इस लिए नवरात्रि शुरू होने के पहले ही घर के मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का निशान बना लें। ये निशान पूरे नौ दिनों तक रहना जरूरी है। ताकि आप धन का लाभ ले सकें।

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