छठ पूजा का समापन आज, जानें मुहूर्त और उषा अर्घ्य का महत्व

आज छठ पूजा का चौथा दिन था। आज ही के दिन सुबह-सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया गया है।

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Happy Chhath Puja 2020
आज छठ पूजा का चौथा दिन था। आज ही के दिन सुबह-सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया गया है।

Chhath Puja 2020: छठ पूजा के तीन दिन निकल (Happy Chhath Puja 2020) चुके थे। आज छठ पूजा का चौथा दिन था। आज ही के दिन सुबह-सुबह सूर्यदेव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया गया है। इसके साथ ही चार दिन का महापर्व खत्म हो चुका है। बता दें श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया ताकि परिवार का स्वास्थ्य और सुखी रहे। छठ पूजा (Happy Chhath Puja 2020) के चौथे दिन ऊषा अर्घ्य का क्या महत्व है- 

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उषा अर्घ्य का शुभ मुहूर्त-

आज छठ पूजा के चौथे दिन सूर्योदय अर्घ्य और पारण 21 नवंबर को खत्म हो गया है।
व्रती सुबह 06:49 बजे सूर्य देव को अर्घ्य देंगे और सूर्योस्त शाम को 05:25 को हो गया है।

उषा अर्घ्य की विधि-

सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तांबे के लोटे में (Happy Chhath Puja 2020) जल, लाल चन्दन, चावल, लाल फूल और कुश डालकर प्रसन्न मन से सूर्य की ओर मुख करके कलश को छाती के बीचों-बीच लाकर सूर्य मंत्र का जप करते हुए जल की धारा धीरे-धीरे प्रवाहित कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पुष्पांजलि अर्पित करना चाहिए। इस दौरान अपनी दृष्टि को कलश की धारा वाले किनारे पर रखेंगे तो सूर्य का प्रतिबिम्ब एक छोटे बिंदु के रूप में दिखाई देगा, साथ ही एकाग्रमन से देखने पर सप्तरंगों का वलय नजर आएगा। 

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बता दें कि छठ पूजा 4 दिन तक (Happy Chhath Puja 2020) चलती हैं। इसकी शुरुआत नहाय- खाए से होती है। दूसरा दिन खरना, तीसरा दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने का, और चौथे और अंतिम दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। अर्घ्य देने के बाद छठ का व्रत रखने वाली महिलाएं सात बार परिक्रमा करती हैं और अंत में प्रसाद खाकर व्रत का पारण करती हैं।

उषा अर्घ्य का महत्व-

आज छठ पूजा के चौथे दिन व्रती सूर्यदेव को अर्घ्य (Happy Chhath Puja 2020) दिया गया। कुछ व्रती नदी के घाट पर जाकर सूर्यदेव को अर्घ्य दिया और व्रत का पारण किया। पौराणिक मान्यताओं के मुताबकि, महापर्व छठ के अंतिम दिन सूर्य की पत्नी उषा को अर्घ्य दिया जाता है। इससे जीवन में सुख बना रहता है और व्रत करने वाले जातकों की मनोकामना पूरी होती है। पूजा के बाद व्रत करने वाले लोग कच्चे दूध का शरबत और प्रसाद खाकर व्रत का पारण करते हैं।

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