गोवर्धन की पूजा आज, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

दिवाली के अगले दिन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष को गोवर्धन पूजा की जाती है। इस बार यह त्योहार आज यानी 15 नवंबर को मनाया जा रहा है।

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Govardhan Puja 2020
गोवर्धन की पूजा आज, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

New Delhi: दिवाली के अगले दिन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष को गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2020) की जाती है। इस बार यह त्योहार आज यानी 15 नवंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान कृष्‍ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा का विधान है। इतना ही नहीं, इस दिन 56 या 108 तरह के पकवान बनाकर श्रीकृष्‍ण को उनका भोग लगाया जाता है। इन पकवानों को अन्नकूट (Annakoot or Annakut) कहा जाता है।

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गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja 2020)  या अन्नकूट उत्सव ब्रज से आरम्भ हुआ था। ऐसी मान्यता है कि ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति से विशाल गोवर्धन पर्वत को छोटी अंगुली में उठाकर हजारों जीव-जतुंओं और इंसानी जिंदगियों को भगवान इंद्र के कोप से बचाया था। तभी से गोवर्धन पूजा शुरू की जाने लगी। भगवान श्री कृष्ण ने ही गोवर्धन पूजा करने के लिए कहा था।

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त

आज गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त (Govardhan Puja Shubh Muhurat) सुबह 10 बजकर 36 मिनट पर शुरू हो रहा है शाम के वक्त पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 3:17 बजे से शाम 5:24 बजे तक रहेगा। इस समय में भगवान गोवर्धन की पूजा करने का विशेष महत्व माना गया है। वहीं 16 नवंबर की सुबह 07 बजकर, 5 मिनट तक मुहर्त खत्म हो जाएगा।

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गोवर्धन पूजा विधि

इस दिन (Govardhan Puja Vidhi) वरुण, इंद्र, अग्नि की पूजा की जाती है। इस दिन सुबह शरीर पर तेल लगाकर स्नान करना चाहिए। सबसे पहले गाय के गोबर से चौक और पर्वत बनाएं। इसके बाद इसे अच्छी तरह सुंदर फूलों से सजाएं। अब रोली, चावल, खीर, बताशे, जल, दूध, पान, केसर रखें और दीप जलाकर भगवान गोवर्धन की पूजा करें। गोवर्धन पूजा की कथा सुनें। कथा सुनने के बाद लोगों में प्रसाद बांटे। जब पूजा संपन्‍न हो जाए तो भगवान गोवर्धन की सात बार परिक्रमा जरूर करें।

कुछ स्थानों पर इस दिन गाया का पूजन भी किया जाता है। गायों का श्रृंगार कर सिंदूर इत्यादि पुष्प मालाओं से सजाए जाने की परंपरा है। उनकी आरती की जाती है और उन्हें फल मिठाइयां खिलाई जाती हैं। मान्‍यता है क‍ि ऐसा करने से लक्ष्मीजी अत्‍यंत प्रसन्न होती हैं और जातक के जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।

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