Gopashtami 2020: कृष्ण गोपाष्टमी पर करे तुलादान, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

आज कृष्‍ण गोपाष्‍टमी पर रांची सहित झारखंड के अलग-अलग गौशालाओं और घरों में गौ माता की पूजा की जा रही है।

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Gopashtami 2020
Gopashtami 2020: कृष्ण गोपाष्टमी पर करे तुलादान, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

New Delhi: आज देशभर में गोपाष्टमी मनाई जा रही है। कृष्‍ण गोपाष्‍टमी (Gopashtami 2020) पर रांची सहित झारखंड के अलग-अलग गौशालाओं और घरों में गौ माता की पूजा की जाती है। लोग अपने परिवार सहित गाय माता की पूजा करने गौशाला जाते हैं। कोरोना महामारी के कारण इस साल मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शोभा यात्रा जैसे कार्यक्रम नहीं हो पा रहे हैं। यह धार्मिक पर्व गोकुल, मथुरा, ब्रज और वृंदावन में मुख्य रूप से मनाया जाता है।

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गोपाष्टमी के दिन गौ माता, बछड़ों और दूध वाले ग्वालों की आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा पूर्वक पूजा पाठ करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।  गोपाष्टमी का आयोजन कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी को किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने इस दिन से गौ चराना शुरू किया था।  ऐसी मान्यता है कि गौ माता के शरीर में सारे देवताओं का वास होता है। इसलिए इनके पूजन से सभी देवता कार्तिक मास में प्रसन्न होते हैं।

इस पर्व में (Gopashtami 2020) गौशालाओं की साफ-सफाई की जाती है। इस दिन गौ माता और उनके बछड़ों का श्रृंगार किया जाता है। गायों को मोती और फूलों की माला से सजाया गया है। पूजा की शुरुआत गणेश वंदना के साथ की जाती है। मान्यता है कि इस दिन पूरे मन से गौ-माता की आराधना करने से जातकों की हर मनोकामना पूरी होती है।

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तुलादान करने से मिलेगा लाभ

गौ पूजन के बाद तुलादान शुरू होता है ऐसा कहा जाता है कि हमारे शरीर के हर हिस्से पर किसी ना किसी ग्रह का अधिकार होता है। तुलादान करने से सभी ग्रहों के निमित्त दान हो जाता है। इससे ग्रहों के दोष समाप्त होते हैं। इससे स्वास्थ्य लाभ और सुख-समृद्धि की भी प्राप्ति होती है। कुछ लोग मोक्ष प्राप्ति के लिए भी तुलादान करते हैं।

गोपाष्टमी का शुभ मुहूर्त 

गोपाष्टमी तिथि प्रारंभ- 21 नवंबर, शनिवार, रात 9 बजकर 48 मिनट से गोपाष्टमी लग जाएगी। लेकिन उदया तिथि 22 नवंबर होने के कारण गोपाष्टमी 22 नवंबर को मनाई जाएगी। गोपाष्टमी तिथि का समापन- 22 नवंबर, रविवार रात 22 बजकर 51 मिनट में होगा।

गोपाष्टमी पूजा विधि 

गोपाष्टमी (Gopashtami 2020) के दिन सुबह उठकर गौ माता को साफ पानी से स्नान करवाएं। इसके बाद रोली और चंदन से गौ माता को तिलक कर उन्हें प्रणाम करें। इसके बाद उनको पुष्प, अक्षत्, धूप अर्पित करें। इसके बाद ग्वालों को दान दक्षिणा देकर उनका सम्मान और पूजन करें। पूजा के लिए प्रसाद को गौ माता को अर्पित करें। गौ माता की परिक्रमा करें और उन्हें कुछ दूर तक साथ लेकर टहलाने जाएं।

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