सेक्स के बाद आपका पार्टनर तुंरत सो जाता है…

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रिश्तों में झगड़ा होना आम बात है लेकिन वो झगड़ा अगर रोज-रोज का हो जाए तो आपके रिश्ते के लिए ये बुरी खबर है. कई लोग अपने रिश्ते को बचाने के लिए रोजाना के झगड़े को नजरअंदाज करते है. रिश्ते पुराने होने के बाद उसे तोड़ने से घबराते है. पर यकीन मानिए, जिस रिश्ते में प्यार न रह गया हो, उसे तोड़ने में कोई बुराई नहीं है. जानिए क्यों…

अगर आपका पार्टनर आपकी टेशन की वजह हो या आपको नहीं समझता हो तो ऐसे रिश्ते में घुट-घुट कर जीना आपके लिए नुकसानदायक है. हमेशा याद रखें प्यार और पार्टनर आपके खुशी की वजह होनी चाहिए, न कि दुख की. कई बार ऐसा होता है कि आपका समय सिर्फ और सिर्फ आप दोनों के बीच की परेशानी को खत्म करने या फिर उसके बारे में सोचते ही निकल जाता है, और बाद में आपको ऐहसास होता है कि इस रिश्ते को बचाने की कोशिश सिर्फ और सिर्फ आप ही कर रहे हैं. ऐसे में अलग हो जाने में कोई बुराई नहीं है.

अगर आपको लगता है कि अब आप दोनों के दिल में एक-दूसरे के लिए कोई इज्जत नहीं है, या फिर आपको, आपके पार्टनर से वो इज्जत नहीं मिल रही जिसके आप हकदार हैं. या साथ होकर भी एक-दूसरे को समय न देना फोन में बीजी रहना अगर ये सब कुछ आपके रिश्ते में है तो आपको इस रिश्ते पीछे हट जाना चाहिए. कई बार ऐसा होता है कि आपके फैसलों से ज्यादा दूसरों के फैसलों को तवज्जों दी जाती है,  तो अलर्ट हो जाइए और अपने लिए खड़े होना सीखिए.

रिलेशनशिप में मतलब की कोई जगह नहीं होती लेकिन अगर आपका साथी केवल सेक्स करने के समय आपसे प्यार करता है. तो बेहतर है कि आप अपना एक अलग रास्ता बना लें. सबसे जरूरी बात सेक्स के बाद आपका पार्टनर तुंरत सो जाता है तो उसे आपसे किसी भी तरह की कोई हमदर्दी नहीं है. इसलिए इस रिश्ते में रहना आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ, दोनों के लिए ही ठीक नहीं है.

अगर आपको कोई और पसंद है, तो गिल्ट महसूस करने की जरूरत नहीं. किसी और को पसंद करना, कोई पाप नहीं है. ऐसी स्थिति में किसी और की हमदर्दी आपको अच्छी लग सकती है. जरा सोचकर देखिए अगर आपको ऐसा महसूस होता है कि आप अपने पाटर्नर के साथ खुश नहीं है, या फिर आप उसे और वह आपको समझ नहीं पाता, तो फिर आप क्यों इस रिश्ते को ढो रहे हैं. ऐसे में कोई है जिसे देखकर आपको लगता है कि आप उसके साथ खुश रह पाएंगे, तो वक्त आ गया है कि आप इस बात को स्वीकार करें. हो सकता है कि आपको लोग जज करें, लेकिन धीरे-धीरे सब भूल जाते हैं और अंत में आपकी खुशी ही मायने रखती है.

 

 

 

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