विकास के साथियों पर पुलिस का शिंकजा, शरण देने पर दो गिरफ्तार

विकास दुबे के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद कृष्णानगर पुलिस (लखनऊ) ने फरार चल रहे उसके छोटे भाई दीप प्रकाश उर्फ दीपक पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया।

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Vikas Dubey

Locknow: शुक्रवार सुबह उज्जैन से कानपुर लाते समय गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) एनकाउंटर में मारा गया। जिसके बाद आज यूपी पुलिस (UP Police) ने विकास दुबे के साथियों पर भी शिकंजा कसना शुरु कर दिया है। चौबेपुर पुलिस (कानपुर) ने विकास दुबे के गुर्गों को शरण देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बिकरू कांड के दो आरोपितों को अपने घर में शरण दी थी। बिल्हौर सीओ संतोष सिंह ने बताया कि आरो‌पितों की पहचान मध्य प्रदेश के ग्वालियर, गोले का मंदिर निवासी ओमप्रकाश पांडेय और सागर ताल‌ के अनिल पांडेय के रूप में हुई है। ये वांछित इनामिया अपराधी शशिकांत पांडेय व शिवम दुबे को शरण दिए थे। दोनों के‌ खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शनिवार को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा जाएगा।

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वहीं, विकास दुबे (Vikas Dubey) के एनकाउंटर में ढेर होने के बाद कृष्णानगर पुलिस (लखनऊ) ने फरार चल रहे उसके छोटे भाई दीप प्रकाश उर्फ दीपक पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। इसी कड़ी में पुलिस ने उसकी पत्नी अंजलि से पता चले बैंक खातों का ब्योरा खंगाला। दो बैंक खातों का ब्योरा कानपुर से मंगवाया गया। लखनऊ में भी दीप के परिवार का एक बैंक खाता मिला है। वहीं दीप के अभी तक न मिलने पर पुलिस ने उसका गैर जमानती वारंट लेने की कवायद भी तेज कर दी है।

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आपको बता दें कि शुक्रवार सुबह विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मार गया। कानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में विकास दुबे मुख्य आरोपी था। इस वारदात के बाद विकास दुबे पर 5 लाख का इनाम रखा गया था। पुलिस की माने तो उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। इस दौरान एनकाउंटर हुआ और वह मारा गया।

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