भारत मित्रता निभाने के साथ जवाब देना भी जानता है: पीएम मोदी

मोदी की मन की बात से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार से सवाल किया था। मन की बात कार्यक्रम पर सवाल करते हुए उन्होंने लिखा था कि राष्ट्र रक्षा और सुरक्षा की बात कब होगी।

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Mann Ki Baat
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Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने रविवार को मन की बात (Mann Ki Baat) कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। पीएम (PM Modi) ने अपने संबोधन में भारत-चीन विवाद, कोरोना और मॉनसून समेत कई मुद्दों पर बात की। पीएम ने कहा कि भारत की जमीन पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला है। संकट आने की वजह से पूरे साल को खराब मानना ठीक नहीं है। साथ ही पीएम मोदी ने एकबार फिर आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया।

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कार्यक्रम में (Mann Ki Baat) पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन झड़प पर पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि भारत की भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला। मोदी ने कहा, ‘भारत, मित्रता निभाना जानता है, तो, आँख-में-आँख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है।’ मोदी बोले कि शहीद हुए 20 जवानों ने दिखाया कि वे मां भारती पर कभी आंच नहीं आने देंगे।

उन्होनें ने कहा कि लोग अकसर बोलते दिखे कि ये साल कब बीतेगा। फोन पर लोग यही बात करते हैं कि साल कब बीतेगा। लोग कह रहे साल अच्छा नहीं, यह शुभ नहीं। लोग चाहते हैं कि यह साल जल्द बीत जाए। मोदी ने कहा कि इस साल देश ने कोरोना संकट देखा। उस बीच अम्फान, निसर्ग तूफान भी आए। फिर टिड्डी दल और भूकंप के इतने झटके। इस बीच पड़ोसी देशों से तनातनी भी हुई। लेकिन इस सब के बावजूद साल को खराब कहना ठीक नहीं। मोदी बोले कि मुश्किलें आती हैं, संकट आते हैं लेकिन आपदाओं की वजह से साल को खराब मानना ठीक नहीं। यह सोच लेना कि पूरा साल ही ऐसा है ठीक नहीं। एक साल में एक चुनौती या 50 चुनौती उससे साल खराब नहीं होता।

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साथ ही पीएम मोदी ने देशवासियों को आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी। कहा कि यह सैनिकों की मदद होगी। मोदी ने कहा कि ऐसे कई लोगों के संदेश उन्हें मिलते हैं कि वे लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं। मोदी मे आगे कहा कि कोरोना संकट काल में देश लॉकडाउन से बाहर निकल आया है। अनलॉक में कोरोना को हराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर देना है। मोदी ने मास्क पहनने, दो गज की दूरी का पालन करने को कहा। मोदी ने स्पेस सेक्टर के सुधार का जिक्र किया। कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत के अभियान को तेजी मिलेगी।

मोदी ने हर घर के बच्चों से गुजारिश की। जब टाइम मिले तो घर के बुजुर्गों का वीडियो इंटरव्यू करें। उनसे पूछे कि बचपन में क्या खेलते थे, छुट्टियों में क्या करते थे। त्योहार कैसे मनाते थे। बुजुर्ग भी इससे खुश होंगे। 40-50 साल पहले क्या होता था, भारत कैसा था बच्चों को भी जानने को मिलेगा। मॉनसून पर बोले मोदी कि इसबार बारिश अच्छी होने की उम्मीद है। इसके बाद मोदी ने 80-85 साल के कामेगौड़ा का जिक्र किया। वो जानवरों को चराते हैं लेकिन अपने इलाके में नए तालाब बनाने का काम करते हैं। मोदी ने कहा कि गणेश चतुर्थी पर इको-फ्रैंडली मूर्ति बनाने की कोशिश होनी चाहिए जिससे वह नदी में संकट पैदा न करें।

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पीएम मोदी ने पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा को याद किया। कहा कि वह अनेक भाषओं को जानते थे। जो भारत के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक थे। वह 17 की उम्र से ही अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। मोदी की मन की बात से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार से सवाल किया था। मन की बात कार्यक्रम पर सवाल करते हुए उन्होंने लिखा था कि राष्ट्र रक्षा और सुरक्षा की बात कब होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह 66वीं मन की बात है। पिछले मन की बात यानी मई वाले ऐडिशन में पीएम मोदी ने कोरोना अनलॉक 1.0 पर बात की थी। बताया था कि अब देश लॉकडाउन से अनलॉक की तरफ जा रहा है।

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