आपकी EMI हो सकती है कम, आरबीआई ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में किए बदलाव

RBI ने लगातार 5वीं बार अपनी ब्याज दरों में कटौती की है। जिससे आम लोगों के लिए बैंक से कर्ज लेना सस्ता हो जाएगा। साथ ही साथ EMI घटने की उम्मीदें भी बढ़ेगी।

0
738
RBI Indian Economy Report
RBI की रिपोर्ट में खुलासा, देश में पहली बार छाई मंदी

मुंबई: RBI ने अपनी नई क्रेडिट पॉलिसी के दौरान रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कटौती की, रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती के बाद अब रेपो रेट 5.40 फीसदी से 5.15 फीसदी हो गया है। रेपो रेट वो दर है जिस पर रिजर्व बैंक कमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है।

येे भी पढ़ेंं: त्योहार के मौसम में बड़ा हमला करने की फिराक में जैश के आतंकी, दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में पुलिस की छापेमारी

RBI ने रिवर्स रेपो रेट 4.90 फीसदी और बैंक रेट 5.40 फीसदी रखा है। RBI ने ब्याज दरों में लगातार 5वीं बार कटौती की है। इस फैसले के बाद आम लोगों के लिए बैंक से कर्ज लेना सस्ता हो जाएगा। साथ ही साथ EMI घटने की उम्मीद भी बढ़ेगी।

रिजर्व बैंक ने बैंकों से एक अक्टूबर से अपने सभी कर्ज को बाहरी मानक मसलन रेपो दर से जोड़ने को कहा, जिससे रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर में कटौती का लाभ अधिक तेजी से उपभोक्ताओं को मिल सकेगा। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास पहले ही संकेत दे चुके थे कि मुद्रास्फीति के अनुकूल दायरे में रहने से नीतिगत दर में नरमी की और गुंजाइश हो सकती है।

येे भी पढ़ेें: दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले हो जाएं सावधान, हवाओं में घुलने वाला है जहर

भारत सरकार ने सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए हाल में कई कदम उठाए हैं। कॉरपोरेट कर की दर में बड़ी कटौती की गई। वहीं, विदेशी निवेशकों पर लगाया गया बढ़ा अधिभार वापस ले लिया गया। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 5 प्रतिशत पर आ गई है जो इसका छह साल का निचला स्तर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here