कमलेश तिवारी हत्याकांड: 2015 का भड़काऊ बयान बना हत्या की वजह, गुजरात के दर्जी ने की थी प्लानिंग

जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड के तार गुजरात से जुड़े हुए पाए जा रहे हैं। हत्या की जगह से मिठाई का डिब्बा मिला है। हत्या के आरोपियों की पहचान की हो गयी है। अब तक तीन लोग हिरासत में लिए गए हैं।

0
881
राशिद पठान ने कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश रची- ओपी सिंह

लखनऊ। लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने 24 घंटो में केस को सुलझाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि कल (शुक्रवार) 18 अक्टूबर को हिन्दू समाज पार्टी नेता कमलेश तिवारी की हत्या हुई। घटना के तुरंत बाद घटना और साक्ष्यों का निरीक्षण किया। कल सुराग मिले थे। सुरागों के आधार पर काम करना शुरू किया। हमने छोटी छोटी टीमों को गठित किया और उत्तर प्रदेश और यहां से बाहर भी भेजा।

2015 का भड़काऊ बयान हत्या की वजह

दरअसल हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी ने दिसंबर, 2015 में पैगंबर मुहम्मद को लेकर एक विवादित बयान दिया था। जिसके बाद कमलेश तिवारी की गिरफ्तारी भी हुई थी। इस मामले में वह फिलहाल जमानत पर रिहा चल रहे थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अभी हाल ही में कमलेश तिवारी पर लगी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) हटा दिया था।

ये भी पढ़ें: हिंदू समाज पार्टी अध्यक्ष कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हत्या, ISIS की हिटलिस्ट में थे तिवारी

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि यूपी पुलिस और गुजरात पुलिस ने संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन में काम किया था। गुजरात की एटीएस टीम ने बहुत सहयोग किया। सीसीटीवी में जो महिला दिख रही है उसका पता नहीं लग पाया है। सीसीटीवी में दिखने वाले दोनों युवकों का कनेक्शन गुजरात के सूरत से है जिनका यूपी से कनेक्शन है।

हमे पहले से आशंका थी की इसके तार गुजरात से जुड़े हुए हैं। मौके पर मिठाई का डब्बा मिला, डब्बे से क्लूज़ मिले और इसी आधार पर गुजरात पुलिस से बात की।

जानकारी के मुताबिक इस हत्याकांड के तार गुजरात से जुड़े हुए पाए जा रहे हैं। हत्या की जगह से मिठाई का डिब्बा मिला है।  हत्या के आरोपियों की पहचान की हो गयी है। अब तक तीन लोग हिरासत में लिए गए हैं। एक साड़ी, दूसरा जूते और तीसरा आरोपी राशिद पठान दर्जी है। हत्याकांड में दो और संदिग्ध हैं। राशिद पठान ने ही पूरा प्लान बताया था। पठान कम्प्यूटर का भी जानकार बताया जा रहा है। अनवारुल हक़ और नईम कासिम साजिशकर्ता हैं। हत्या के दो आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।

ये भी पढ़ें: मैनचेस्टर में गांधी की मूर्ति लगाए जाने का विरोध, छात्र बोले- नस्लवादी थे

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here