2011 के वर्ल्डकप का वो शानदार पल, जिसके लिए सचिन तेंदुंलकर को मिला लॉरियस स्पोर्टिंग मोमेंट अवॉर्ड

0
489

नई दिल्ली: क्रिकेट जगत में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर को सोमवार को प्रतिष्ठित लॉरियस स्पोर्टिंग मोमेंट अवॉर्ड 2000-2020 से सम्मानित किया गया। 2011 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद जब भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया था, उस पल को पिछले 20 सालों का ‘लॉरियस सर्वश्रेष्ठ खेल क्षण’ माना गया है। इसी को लेकर सचिन को इस सम्मान से नवाजा गया है।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ ने सोमवार को बर्लिन में एक समारोह के दौरान सचिन तेंदुलकर को लॉरियस स्पोर्टिंग मोमेंट अवॉर्ड-2000-2020 के विजेता की ट्रॉफी दी। सचिन को इस अवॉर्ड के लिए सबसे ज्यादा वोट मिले।

इस अवॉर्ड से सम्मानित होने के बाद जब उनसे 2011 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद के उस पल के अनुभव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘यह अविश्वसनीय है। विश्व कप जीतने की भावना को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। कितनी बार ऐसा होता है कि किसी टूर्नामेंट में अलग-अलग तरह के विचार निकल कर सामने आते हैं। बहुत कम होता है कि पूरा देश एक साथ मिलकर जश्न मनाए।’

सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट जगत में अपने सफर के बारे में बताते हुए कहा, ‘मेरा सफर 1983 में शुरू हुआ, जब मैं 10 साल का था। भारत ने विश्व कप जीता था। मुझे महत्व समझ में नहीं आया और सिर्फ इसलिए कि हर कोई जश्न मना रहा था, मैं भी पार्टी में शामिल हो गया। लेकिन कहीं न कहीं मुझे पता था कि देश के लिए कुछ खास हुआ है और मैं एक दिन इसका अनुभव करना चाहता था और यहीं से मेरा सफर शुरू हुआ।’

….और वो अविस्मरणीय पल, जब 28 साल बाद भारत बना विश्व विजेता

2 अप्रैल 2011 में जब मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा था, तो भारतीय फैंस की सांसे थमी हुई थी। हर कोई भारत की जीत की दुआ कर रहे थे। सचिन के लिए मैच इसलिए भी खास था क्योंकि यह उनका छठा और आखिरी वर्ल्ड कप था। इस वर्ल्ड कप के बाद सचिन वर्ल्ड कप नहीं खेलने वाले थे। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी भी उन्हें जीत के साथ विदाई देना चाहते थे। हुआ भी ऐसा ही, सचिन का और भारतीय खिलाड़ियों का ये सपना उस वक्त साकार हुआ जब ‘बेस्ट फिनिशर’ कहे जाने वाले कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा की गेंद पर छक्का मारकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी। 1983 के बाद ये पहला मौका था, जब एक बार फिर भारत विश्व विजेता बना था। वो पल हर भारतीय के लिए अविस्मरणीय पल था। उस वक्त सभी खिलाड़ियों ने सचिन तेंदुलकर को अपने कंधों पर उठा लिया था और पूरे स्टेडियम का चक्कर लगाया था। इस दौरान टीम का हिस्सा रहे युवराज सिंह काफी भावुक दिखें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here