काशी में बोले PM मोदी- सत्ता से नहीं, संस्कृति और संस्कारों से सृजित हुआ है राष्ट्र

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वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वारणसी के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जंगमवाड़ी मठ में मौजूद संतों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संस्कृत और संस्कृति की संगम स्थली में आप सभी के बीच आना मेरे लिए सौभाग्य का विषय है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘संस्कृत और संस्कृति की संगम स्थली में आप सभी के बीच आना मेरे लिए सौभाग्य का विषय है। बाबा विश्वनाथ के सानिध्य में, मां गंगा के आंचल में, संतवाणी का साक्षी बनने का अवसर कम ही मिल पाता है।’

उन्होंने तुलसीदास जी का जिक्र करते हुए कहा कि तुलसीदाल जी कहा करते थे- ‘संत समागम हरि कथा तुलसी दुर्लभ दोउ’। इस भूमि की यही विशेषता है। ऐसे में वीरशैव जैसी संत परंपरा को युवा पीढ़ी तक पहुंचा रहे जगद्गुरु विश्वराध्य गुरुकुल के शताब्दी वर्ष का समापन एक गौरवशाली क्षण है।

वहीं, सत्ता को लेकर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में राष्ट्र का ये मतलब कभी नहीं रहा कि किसने कहाँ जीत हासिल की, किसकी कहाँ हार हुई! हमारे यहाँ राष्ट्र सत्ता से नहीं, संस्कृति और संस्कारों से सृजित हुआ है, यहां रहने वालों के सामर्थ्य से बना है

वहीं, उन्होंने आगे अपने संबोधन में कहा कि जंगमवाणी मठ भावात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से वंचित साथियों के लिए प्रेरणा का माध्यम है। आपके प्रयास सराहनीय है। संस्कृत भाषा और दूसरी भारतीय भाषाओं को ज्ञान का माध्यम बनाते हुए, टेक्नॉलॉजी का समावेश आप कर रहे हैं, वो भी अद्भुत है। सरकार का भी यही प्रयास है कि संस्कृत सहित सभी भारतीय भाषाओं का विस्तार हो, युवा पीढ़ी को इसका लाभ हो

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