निर्भया केस: SC ने अक्षय की पुनर्विचार याचिका की खारिज

निर्भया गैंगरेप मामले में दोषी करार अक्षय ठाकुर की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। जस्टिस भानुमति की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ अक्षय का याचिका पर सुनवाई कर रही है। इस पीठ में जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोपन्ना शामिल हैं। मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद सीजेआई एस ए बोबडे ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया था।

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नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप मामले में दोषी करार अक्षय ठाकुर की पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। बुधवार सुबह सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भानुमति की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने अक्षय की रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

निर्भया की मां ने कहा- SC के फैसले से हूं खुश 

अक्षय की रिव्यू पिटीशन को खारिज करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोलते हुए निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से मैं बेहद खुश, हूं।

दोषी आज ही दायर करेंगे क्यूरेटिव पिटीशन

दोषी के वकील ए.पी सिंह ने कहा कि हम बुधवार को ही क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल करेंगे।

अक्षय की ओर से दी गई गरीब होने की दलील

अक्षय की ओर से वकील ने याचिका पढ़ते हुए कि मुझे फांसी केवल इसलिए दी जा रही है क्योंकि मैं गरीब हूं। इस मामले में राजनीतिक एजेंडे की तरह सब कुछ किया जा रहा है। इससे पहले मंगलवार को हुई सुनवाई में अक्षय के वकील ए.पी सिंह ने दलील दी की जिस तरीके से गिरफ्तारी हुई वह शक के घेरे में है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच माडिया, जनता और राजनीति के दबाव में की गई है।

SG ने कहा- सहानुभूति का हकदार नहीं दोषी
अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह केस फांसी के लिए फिट केस है। यह मानवता के खिलाफ हमला था। उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में फैसला सुनाने में देरी नहीं करनी चाहिए। इस जघन्य अपराध के दोषी सहानुभूति के हकदार नहीं है, उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए।

इस गैंगरेप में 4 लोगों को दोषी करार दिया गया है और उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है, जिनमें से एक अक्षय ठाकुर भी है। अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में रहम की गुहार लगाते हुए रिव्यू पिटीशन डाली थी। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई। करीब 10 मिनट की सुनवाई के बाद ही इसे एक दिन तक के लिए टाल दिया गया था।

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