Mike Pompeo: भारत की तरह अमेरिका भी कर सकता है चाइनीज ऐप बैन

भारत की ओर से डिजिटल स्ट्राइक करने के बाद अब अमेरिका भी चीन की कुछ एप को अपने देश में बैन करने पर विचार कर रहा है।

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Mike Pompeo

New Delhi: भारत के बाद अब अमेरिका भी चाइनीज ऐप (Chinese Apps Banned) को बैन कर सकता हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) ने इसके संकेत दिए हैं। सोमवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे (Mike Pompeo) चीनी ऐप को बैन करने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि टिकटॉक समेत चीन के सभी सोशल मीडिया ऐप को बैन करने के बारे में विचार किया जा रहा है।

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माइक पोम्पियो (Mike Pompeo) के इस बयान से चीन को दोहरा झटका लगा है। ट्रेड वॉर और कोरोना वायरस की महामारी की वजह से अमेरिका-चीन संबंध पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे हैं। अमेरिका में कोरोना वायरस से भारी तबाही मची है और ट्रंप इसके लिए चीन को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं।

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इससे पहले भारत चीन की 59 एप बैन (Chinese Apps Banned) कर चुका है, जिसे लेकर कंपनियां लगातार भारत सरकार से बात कर रही हैं लेकिन सरकार की ओर से अभी तक फैसले में बदलाव करने का कोई संकेत जारी नहीं किए जा रहे है।

सभी ने इस फैसले को चीन के खिलाफ डिजिटल स्ट्राइक बताया था। चीनी एप पर बैन लगने के बाद भारतीय एप जमकर डाउनलोड्स हुए। टिक-टॉक की जगह चिंगारी और धकधक, कैमस्कैनर की जगह स्कैन करो एप और शेयर इट की जगह शेयर चैट जैसे तेजी से डाउनलोड होने लगे।

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लद्दाख में तनाव के बीच भारत ने 29 जून को चाइनीज ऐप (Chinese Apps Banned) पर रोक लगाया था । सरकार ने कहा कि इन ऐप्स के जरिए यूजर की जानकारियां हासिल की जा रही हैं, ये देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस फैसले को चीन पर डिजिटल स्ट्राइक बताया था। भारत के इस फैसले को पोम्पियो ने सही बताया था।

वहीं पोम्पियो ने कहा कि अमेरिका को चीन के साथ अब अलग तरीके से पेश आना होगा क्योंकि अधिक राजनीतिक स्वतंत्रता मिलने की उम्मीद में उन्हें आर्थिक अवसर प्रदान करने की पुरानी नीति काम नहीं आई। उन्होंने कहा कि ‘मैं पुराने शासकों की आलोचना नहीं कर रहा हूं, हम स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि यह सफल नहीं हुआ और इसका मतलब है कि अमेरिका को दूसरा रास्ता अपनाना होगा।’

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