न कोई समझौता-न MoU, तो फिर भारत में करने क्या आ रहे हैं जिनपिंग

भारत और चीन के बीच इस प्रकार की समिट दूसरी बार हो रही है, जिसमें दोनों देशों के प्रमुख बिना किसी निर्धारित एजेंडे के मिल रहे हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के क्या हैं मायने

नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिन की यात्रा पर शुक्रवार को भारत आ रहे हैं। इस दौरान वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। हालांकि इस दौरे पर किसी बड़े करार होने की उम्मीद बहुत ही कम है। बताया जा रहा है कि ये एक इन्फॉर्मल मीटिंग है और इसमें कोई निश्ति एजेंडे पर बात नहीं की जाएगी।

बता दें कि नरेंद्र मोदी के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद शी जिनपिंग की ये पहली यात्रा है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान न तो कोई समझौता होगा और ना ही कोई MoU साइन किया जाएगा। ये यात्रा पूरी तरह से इन्फॉर्मल रहने वाली हैष हालांकि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच वन-टू-वन बातचीत होगी। इस बातचीत में सीमा पर शांति और पीपल टू पीपल कनेक्ट पर फोकस रहेगा।

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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते पर भारत आ रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच होने वाली ये इन्फॉर्मल बैठक चेन्नई में होगी। 11 और 12 अक्टूबर को दोनों नेता कई बड़े मुद्दों पर बात करेंगे, इस दौरान मोदी-जिनपिंग मल्लपुरम के मंदिर जाएंगे और आसपास के क्षेत्रों का दौरा करेंगे। चीनी राष्ट्रपति के साथ इस दौरे में चीन के विदेश मंत्री भी भारत आएंगे।

पता हो कि भारत और चीन के बीच इन दिनों कई मसलों पर विवाद चल रहा है। इस बैठक के दौरान इन्हें सुलझाने की कोशिश की जाएगी। चीन के साथ सीमा विवाद काफी पुराना है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को चीन का समर्थन देना भारत के लिए विवाद का विषय है।

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