जानिए कौन है राफेल को उड़ाकर भारत लाने वाले कश्मीरी पायलट

आज हरियाणा के अंबाला में दोपहर 3 बजे के करीब पांचों राफेल विमानों की लैंडिंग हुई। इसके लिए अंबाला एयरबेस और उसके आस-पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

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Rafale Jet Pilot

Delhi: राफेल (Rafale) फ्रांस से भारत के अंबाला एयरबेस (Ambala Airbase) पहुंच चुका है, जहां पानी की बौछारों से उसे सलामी दी गई। इस बीच राफेल (Rafale Jets) फ्रांस से भारत तक उड़ाकर लाने वाले (Rafale Pilot) एयर कमोडोर हिलाल अहमद राथर (Air Commodore Hilal Ahmed Rather) पूरे देश में चर्चा का विषय बने हुए हैं। दरअसल एयर कमोडोर हिलाल अहमद राथर (Hilal Ahmad Rather) राफेल उड़ाने वाले भारत के पहले पायलट बन गए हैं। कश्मीर के हिलाल अहमद ने राफेल लड़ाकू विमानों (Rafale Jet Pilot) की पहली खेप में फ्रांस से भारत के लिए सोमवार को उड़ान भरी। इसके साथ ही हिलाल अहमद भारतीय जरूरतों के अनुसार, राफेल विमान के शस्त्रीकरण से भी जुड़े रहे हैं।

Rafale Landing in India: लो आ गया राफेल, देश के दुश्मनों का काल

जानकारी के अनुसार हिलाल (Rafale Jet Pilot) अभी फ्रांस में भारत के एयर अटैच हैं। एयर कमोडोर हिलाल अहमद राथर (Air Commodore Hilal Ahmed Rather) के करियर डेटेल्स के मुताबिक, हिलाल अहमद दुनिया में सर्वश्रेष्ठ फ्लाइंग अधिकारी में से एक हैं। भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) अधिकारी हिलाल अहमद साउथ कश्मीर के अनंतनाग जिले में एक मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता दिवंगत मोहम्मद अब्दुल्लाह राथर जम्मू-कश्मीर के पुलिस विभाग से पुलिस उपाधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी तीन बहनें हैं और वह इकलौते भाई हैं। हिलाल अहमद राथर की पढ़ाई जम्मू जिले के नगरोटा कस्बे में सैनिक स्कूल में हुई। वह वायुसेना में 17 दिसंबर, 1988 को एक लड़ाकू पायलट के रूप में शामिल हुए। इसके बाद साल 1993 में वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट बन गए। साल 2004 में विंग कमांडर बने फिर 2016 में ग्रुप कैप्टन और 2019 में एयर कोमोडोर बन गए।

Air Commodore Hilal Ahmed Rather

अधिकारी हिलाल ने डिफेंस सर्विसिस स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। इसके साथ ही उन्होंने एयर वार कॉलेज (अमेरिका) से भी डिस्टिंक्शन के साथ डिग्री हासिल की है। उन्होंने एलडीए में स्वार्ड ऑफ ऑनर विजेता भी है। देश सेवा में उनके योगदान को देखते हुए हिलाल को वायुसेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल मिल चुका है। वायुसेना के लड़ाकू विमान मिराज-2000, मिग-21 और किरण विमानों पर 3,000 घंटों की दुर्घटनामुक्त उड़ानों के एक्सीडेंट फ्री रिकॉर्ड के साथ हिलाल का नाम अब भारत में राफेल के साथ हमेशा के लिए जुड़ जाएगा।

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आपको बता दें कि आज हरियाणा के अंबाला में दोपहर 3 बजे के करीब पांचों राफेल विमानों की लैंडिंग हुई। इसके लिए अंबाला एयरबेस और उसके आस-पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। फोटोग्राफी से लेकर छतों पर लोगों के निकलना तक बैन किया गया। भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपए का सौदा किया था।

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