पाकिस्तान के टुकड़े-टुकड़े करने वाली आयरन लेडी की 35वीं बरसी, राहुल गांधी ने इस तरह किया याद

इंदिरा का जन्म 19 नवंबर 1917 को इलाहबाद में हुआ था। वह तीन बार देश की प्रधानमंत्री रहीं। 31 अक्टूबर, 1984 को उनके अंगरक्षकों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर पीएम मोदी, सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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इंदिरा गांधी पुण्यतिथि: पाकिस्तान के दो टुकड़े करने वाली आयरन लेडी के बारे में जानिए दिलचस्प बातें

नई दिल्ली। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज 35वीं पुण्यतिथि है। 31 अक्टूबर, 1984 का वो दिन कोई नहीं भूल सकता जब इंदिरा गांधी को उनके ही दो सिख बॉडीगार्ड ने गोलियों से छलनी कर दिया था।

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि को राष्ट्रीय संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को इंदिरा गांधी और उनकी भारत के लिए दी गई सेवा को समर्पित है। आज के दिन इंदिरा को मानने वाले लोग एक एकीकृत भारत के लिए संकल्प लेते हैं।

इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के मौके पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शक्ति स्थल जाकर इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

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कहा जाता है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी दादी के बहुत करीब थे। छोटी सी उम्र में राहुल और प्रियंका ने दादी और पिता की मौत देख ली थी। फिर भी दोनों आज अपनी मां सोनिया गांधी के साथ मजबूती के साथ कांग्रेस को थामे खड़े हैं।

राहुल ने आज दादी इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया है। राहुल ने ट्विटर पर लिखा कि आज मेरी दादी श्रीमती इंदिरा गांधी जी का बलिदान दिवस है। आप के फौलादी इरादे और निडर फैसलों की सीख हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन करती रहेंगी। आपको मेरा शत् शत् नमन।

इंदिरा गांधी का पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी गांधी था। पिता जवाहरलाल नेहरू से राजनीति इंदिरा गांधी को विरासत में मिली थी। मां और पिता की लाडली इंदिरा एक राजनेता के साथ-साथ इंडियन नेशनल कांग्रेस की सेंट्रल फिगर भी थी। इतना ही नहीं वे पहली ऐसी सशक्त महिला थीं, जिनके बुलंद और निडर हौसलों के आगे दुनिया ने हार मान ली थी। यही कारण था कि इंदिरा को भारत की आयरन लेडी बुलाया जाता था।

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एक प्रधानमंत्री के रूप में, इंदिरा अपनी राजनीतिक असहिष्णुता और सत्ता के अभूतपूर्व केंद्रीकरण के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 1975 से 1977 तक भारत में लगाई गई इमरजेंसी के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले लिए थे।

इसी बीच पाकिस्तान ने गलती की कि उसने भारत के कुछ शहरों पर बमबारी कर दी। इसके बाद बस पीएम इंदिरा गांधी ने भारतीय सैनिकों से पाकिस्तान पर हमला करने के निर्देश दे दिए और भारत-पाकिस्तान के बीच तीसरा युद्ध शुरू हो गया।

भारत की तीनों सेनाओं ने पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब दिया। 14 दिन में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना के आगे हथियार डाल दिए और फिर इंदिरा की बदौलत पाकिस्तान के दो टुकड़े कर पूर्वी पाकिस्तान को बांग्लादेश बनाया गया।

इंदिरा ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार के जरिए सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया था, जिसके कारण उनके अपने बॉडीगार्ड्स ने उनकी हत्या कर दी।

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