टेलीकॉम कंपनियों पर वित्त मंत्री का बड़ा बयान, सरकार नहीं चाहती कोई कंपनी अपना कारोबार करे बंद

देश की टॉप टेलीकॉम कंपनियों में शामिल वोडाफोन आइडिया और एयरटेल ने जुलाई-सितंबर तिमाही में भारी घाटा दिखाया है। दोनों कंपनियों के अनुसार एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) की वजह से कंपनी पर वित्तीय बोझ काफी बढ़ गया है।

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नई दिल्ली। बीते दिनों टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन के CEO निक रीड ने भारी नुकसान की वजह से भारत से कारोबार समेटने के संकेत दिए थे। जिस पर शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा की हम नहीं चाहते कोई कंपनी अपना कारोबार बंद करे। दरअसल, वोडाफोन CEO निक ने कुछ दिनों पहले एक रिपोर्ट में कहा था कि सरकार को बकाया राशि के भुगतान की मांग में कुछ नरमी बरतनी चाहिए, ताकि वोडाफोन समूह का कारोबार भारत में आगे भी बना रह सके। वहीं, एअरटेल की भी यूजेज और लाइसेंसिग फीस के वित्तीय बोझ से भारत में नींव डगमगा रही है।

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देश की टॉप टेलीकॉम कंपनियों में शुमार वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल ने जुलाई-सितंबर तिमाही में भारी घाटा दिखाया है। वोडाफोन-आइडिया ने 50,921 करोड़ रुपये तो वहीं, एयरटेल ने 23,045 करोड़ रुपये का नुकसान दिखाया है। दोनों कंपनियों के अनुसार एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) की वजह से कंपनी पर वित्तीय बोझ काफी बढ़ गया है। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग द्वारा टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला यूजेज और लाइसेंसिग फीस होता है।

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टेलीकॉम कंपनियों के इस मामले को लेकर शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान आया। वित्त मंत्री ने अपने बयान में कहा हम नहीं चाहते कोई कंपनी अपना कारोबार बंद करे। हम चाहते हैं कि कोई भी कंपनी हो, वह आगे बढ़े। सिर्फ टेलीकॉम सेक्‍टर ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में सभी कंपनियां कारोबार करने में सक्षम हो। अपने बाजार में ग्राहकों को सेवाएं दें और कारोबार में बनी रहें। इसी धारणा के साथ वित्त मंत्रालय हमेशा बातचीत करता रहता है और टेलीकॉम इंडस्‍ट्री के लिए भी हमारा यही नजरिया है।

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