कोरोना के चलते विदेशों में फंसे भारतीयों को लाएगी सरकार, ये है पूरा प्लान

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विदेशों में फंसे लोग

कोरोना वायरस के चलते कुछ लोग विदेशों में फंसे हैं, उनको भारत यानी कि स्वदेश वापसी के लिए सरकार ने प्लान तैयार कर लिया है. विदेशों में फंसे लोंगों कैसे निकालना है, इसके बारे में नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि फिलहाल एक सीमित प्रक्रिया के तहत भारतीयों को विदेशों से निकाला जाएगा.

हरदीप पुरी के मुताबिक, इसका पहला चरण यानी पहला हफ्ता 7 से 13 मई का होगा. इस दौरान 64 फ्लाइट्स उड़ेंगी और विदेशों में फंसे भारतीयों को अपने देश लाया जाएगा. प्लान के मुताबिक, यूएई से 10 फ्लाइट्स, कतर से 2, सऊदी अरब से 5 और यूके व अमेरिका से 7-7 विमान उड़ान भरेंगे. इसके अलावा बांग्लादेश से 7, और ओमान से 2 फ्लाइट्स भारतीयों को स्वदेश ले आएंगी.

राज्यवार बात करें तो 7 अलग-अलग देशों से 15 उड़ानें केरल आएंगी जिनमें 3150 अपने प्रदेश पहुंचेंगे. इसी तरह 9 देशों से 11 फ्लाइट्स तमिलनाडु आएंगी, जिनमें 2150 लोग सवार होंगे. महाराष्ट्र के लिए 6 देशों से 7 फ्लाइट्स, दिल्ली के लिए 9 देशों से 11 फ्लाइट्स, तेलंगाना के लिए 6 देशों से 7 फ्लाइट्स, गुजरात के लिए 5 उड़ानें, कर्नाटक के लिए 3, यूपी और चंडीगढ़ के लिए 1-1 फ्लाइट्स निर्धारित की गई हैं.

हरदीप सिंह पुरी ने कहा एक आंकड़े के अनुसार, जो विदेशों में फंसे 90 हजार लोग स्वदेश आना चाहते हैं. हम उतनी ही संख्या पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्हें सुरक्षित तरीके से देश ला सकें. जितनी भी फ्लाइट्स होंगी, उसका किराया वसूला जाएगा. जैसे लंदन-मुंबई के लिए 50 हजार रुपये, शिकागो-दिल्ली-हैदराबाद के लिए तकरीबन 1 लाख रुपये लिए जाएंगे. 14 घंटे की फ्लाइट्स के लिए भी ऐसी ही दरें तय की गई हैं.

वहीं ढाका-दिल्ली की 2 घंटे की उड़ान है जिसका किराया 12 हजार रुपये है. अपने गंतव्य एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग होगी और बाद में उन्हें 14 दिन के लिए क्वारनटीन किया जाएगा. बता दें कि लॉकडाउन के चलते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ान पर प्रतिबंध है. इसे दोबारा कब शुरू करना है इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया हैं.

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