CAA के खिलाफ लेफ्ट ने किया भारत बंद, UP में धारा 144 लागू, दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशन बंद…

देशभर में जगह-जगह इसका विरोध हो रहा हैं, लिहाजा इस बीच लेफ्ट पार्टियों ने आज गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया है...

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नागरिकता संशोधन कानून का विरोध थमने का नाम ही नहीं ले रहा हैं। देशभर में जगह-जगह इसका विरोध हो रहा हैं, लिहाजा इस बीच लेफ्ट पार्टियों ने आज गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया है। उत्तर प्रदेश, कर्नाटक के कई हिस्सों में बड़े प्रदर्शन की संभावना है। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने भी अपनी कमर कस ली हैं। देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रदर्शन को देखते हुए देश के कई हिस्सों में धारा 144 लगाई गई है।

बता दें कि मुंबई में भी आज क्रांति मैदान में बड़ा विरोध प्रदर्शन होने वाला हैं। गुरुवार सुबह ही बिहार के कुछ इलाकों में लेफ्ट कार्यकर्ताओं ने ट्रेन को रोक दिया। स्वराज इंडिया समेत कुल 60 संगठन आज लालकिले से अपने प्रदर्शन की शुरुआत करेंगे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है। इसके अलावा राजधानी दिल्ली में भी कई इलाकों में 144 लगा दी गई हैं। साथ ही दिल्ली में प्रदर्शन को देखते हुए कई मेट्रो स्टेशन को भी बंद कर दिए गए हैं। जिन स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट बंद कर दी गई है, उनमें  पटेल चौक, लोक कल्याण मार्ग, उद्य़ोग भवन, आईटीओ, प्रगति मैदान, खान मार्केट, लाल किला, जामा मस्जिद, चांदनी चौक, विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, जसोला विहार, शाहीन बाग और मुनिरका शामिल हैं।

वहीं, उत्तर प्रदेश में भी समाजावादी पार्टी के प्रदर्शन को देखते हुए पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी गई है। आदेश के मुताबिक धारा 144 लागू होने के बाद 19 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में कहीं भी किसी तरह के प्रदर्शन, जुलूस, सम्मेलन या मशाल जुलूस की इजाजत नहीं है। अगर कोई प्रदर्शन करता है तो उस पर कार्रवाई होगी। साथ ही पुलिस ने लोगों से प्रदर्शन करने से दूर रहने को कहा है। इसके अलावा पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।

इस बीच लखनऊ में पुलिस ने मार्च भी निकाला। इस दौरान डीजीपी ओपी सिंह ने कहा ने किसी को भी भीड़ में शामिल होने या भीड़ जुटाने की इजाजत नहीं है। माता-पिता को अपने बच्चों को समझाना चाहिए। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर नागरिकता कानून को लेकर विरोध किया जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और सरकार में बैठे तमाम लोग ये समझाने की बार-बार कोशिश कर रहे हैं कि ये नागरिकता देने का कानून है, नागरिकता लेने का नहीं। जो भारत का नागरिक है उसकी नागरिकता पर बिलकुल भी आंच नहीं आने वाली, लेकिन इसके बावजूद मुसलमानों को देश निकाले का डर दिखाकर अफवाह फैला जा रही है।

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