क्या स्पेशल ट्रेन से जाने वाले प्रवासी मजदूरों से लिया जाएगा किराया ? जानिए

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नई दिल्ली: लॉकडाउन के तीसरे चरण की घोषणा के साथ ही सरकार ने प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाए जाने का आदेश दिया। भारतीय रेलवे ने भी मजदूरों और छात्रों को भेजने के लिए विशेष ट्रेनों को हरी झंडी दे दी है। इन ट्रेनों से जाने वाले यात्रियों के लिए टिकट जारी नहीं किया गया है। साथ ही यात्रियों को खाने-पीने का सामान भी मुफ्त में दिया जा रहा है।

ऐसे में सवाल उठता है कि इन यात्रियों का किराया कौन देगा ? तो चलिए आपको बता देते हैं कि रेलवे को इन यात्रियों के किराए का पैसा कहां से मिलेगा-

रेलवे ने जवाब देते हुए कहा है कि इन सभी यात्रियों का किराया संबंधित राज्य सरकारों से लिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक स्लीपर क्लास के टिकट की कीमत, 30 रुपये का सुपरफास्ट शुल्क और यात्री के भोजन के अलावा पानी के लिए 20 रुपये शामिल किए गए हैं। प्रति यात्री के हिसाब से इसका भुगतान राज्य सरकारें करेंगी।

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रेलवे ने स्पष्ट कहा है कि एक ट्रेन में केवल 1000 से 1200 यात्रियों को बैठने की अनुमति है। ट्रेन में सैनिटाइजिंग और सोशल डिस्टेंसिंग का पूर ख्याल रखा जाएगा। वहीं, किस तरह के लोग इन विशेष ट्रेनों से जाने योग्य होंगे, ये राज्य सरकारें तय करेंगे।

जानकारी के लिए बता दें कि जब से लॉकडाउन शुरू हुआ है तब से हजारों प्रवासी लोग अपने राज्यों को पैदल ही निकल चुके थे, इनमें से कुछ तो भूखे-प्यासे अपने घर जाने में सफल रहे, वहीं कुछ लोगों की मौत भी हुई। अब लॉकडाउन के तीसरे चरण के शुरू होने के बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए राज्य सरकारों की ओर से तैयारी की गई है।

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