रघुराम बोले- कोरोना काल में गरीबों की मदद जरूरी, रोजगार पर करना होगा विचार

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नई दिल्ली: कोरोना काल के इस समय में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोरोना से निपटने की है। कोरोना से निपटने के बाद सरकार के सामने अर्थव्यवस्था का संकट खड़ा हो सकता है। इसको लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से चर्चा की। इस दौरान दोनों ने अर्थव्यवस्था को लेकर क्या कहा, देखिए-

राहुल गांधी ने कहा कि कोरोना काल के इस वक्त में लोगों के दिमाग में कई सवाल है, अर्थव्यवस्था को लेकर काफी चिंता है। ऐसी चुनौतियों से कैसे निपटा जा सकता है, इसे लेकर क्या राय हो सकती है। इसके जवाब में रघुराम राजन ने कहा कि इस वक्त गरीब लोगों की मदद करना जरूरी है। इसके साथ ही आम लोगों के रोजगार के बारे में सोचना होगा, इसके लिए वर्कप्लेस को सुरक्षित करना होगा।

कोरोना की वजह से पूरे देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी है, ऐसे में बाजार, कंपनी, रोजगार सब बंद पड़े है, जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था भी पूरी तरह से ठप हो गई है। ऐसे में राहुल गांधी ने पूछा कि लॉकडाउन के बीच अर्थव्यवस्था को कैसे खोला जाए?

इस पर रघुराम राजन ने कहा कि दूसरे लॉकडाउन को लागू करने का मतलब है कि आप खोलने को लेकर कोई सही तैयारी नहीं कर पाए। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या लॉकडाउन 3 भी आएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोरोना के शून्य केस होने पर लॉकडाउन को खोलने के बारे में सोचा जा रहा है तो ये असंभव है।

कोरोना टेस्टिंग को लेकर सवाल पूछते हुए कांग्रेस नेता राहुल ने पूछा कि देश में टेस्टिंग को लेकर कई तरह के सवाल हैं, यहां पर दूसरे देशों के मुकाबले काफी कम टेस्टिंग हो रही है। इस पर रघुराम राजन ने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था को खोलना चाहते हैं तो टेस्टिंग क्षमता बढ़ानी होगी। हमें मास टेस्टिंग की ओर बढ़ना होगा।

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