गुजरात में टूटा कांग्रेस का दिल, हार्दिक ने किया ‘ब्रेकअप’, कितना पड़ेगा असर ?

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गुजरात में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस से त्यागपत्र दे दिया है. यह कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका है. क्योंकि गुजरात में विधानसभा चुनाव तेजी से नजदीक आ रहे हैं. हाल ही में उदयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर लगाया. जिसमें कांग्रेस राहुल गांधी समेत कांग्रेस के तमाम दिग्गज शामिल हुए. जिसमें युवाओं को तरजीह देने पर गहन चर्चा की गई.

क्या रही वजह ?

अब ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि आखिर क्यों हार्दिक पटेल का कांग्रेस से मोहभंग हुआ. जब कांग्रेस ने चुनौतियों के चक्रव्यूह से बाहर निकलने के लिए युवाओं को तरजीह देने के लिए सोच लिया है. इसके बाद भी युवा नेताओं में भरोसा पैदा नहीं हो रहा है.

हार्दिक ने कांग्रेस पर उठाए सवाल

ऐसा इसलिए क्योंकि हार्दिक पटेल ने अपने त्यागपत्र में कांग्रेस पर कई आरोप लगाए हैं और शीर्ष नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए. गुजरात में साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सियासी सरगर्मियां तेज हैं और राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण बैठाने में जुटे हैं. ऐसे में सूबे की चुनावी तपिश के बीच पाटीदार समुदाय के प्रमुख नेता हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया.

बीजेपी को मिलगा बड़ा लाभ

गुजरात के सामाजिक समीकरण के लिहाज से हार्दिक का कांग्रेस छोड़ना बीजेपी के लिए बड़ा विकेट है, लेकिन सवाल उठता है कि आखिर हार्दिक पटेल ने क्यों पार्टी छोड़ी और उनके जाने से पार्टी को किस तरह का नुकसान उठाना पड़ेगा ?

शीर्ष नेतृत्व से चल रहे थे नाराज

पाटीदार आरक्षण आंदोलन से अपनी पहचान बनाने वाले हार्दिक पटेल काफी समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे. हार्दिक ने साल 2019 में कांग्रेस पार्टी का दामन थामा और फिर 2020 में प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष बन गए थे. पहली नाराजगी इस बात को लेकर थी कि वह पिछले दो साल से कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हैं लेकिन उन्हें न कोई जिम्मेदारी दी जा रही है और न ही कोई राय मशवरा किया जाता है.

इसके अलावा गुजरात कांग्रेस के महत्वपूर्ण फैसलों में उन्हें शामिल नहीं किया गया. गुजरात कांग्रेस में महासचिव और उपाध्यक्ष, जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के दौरान भी हार्दिक की राय नहीं ली गई. हार्दिक ने अपने साथ जिन नेताओं को लेकर कांग्रेस में आए थे, उन्हें भी खास तवज्जो नहीं मिली. जिसके बाद उनकी नाराजगी लगातार बढ़ती चली गई.

कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के सामने रखी थी अपनी समस्या

बताते चले कि, हार्दिक पटेल ने अपनी पीड़ा दिल्ली आकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने भी रखी. हार्दिक ने कहा था कि राहुल गांधी और शीर्ष नेतृत्व को भी मेरी समस्या पता है, फिर भी कोई समाधान नहीं हो रहा है. हार्दिक का कांग्रेस छोड़ने की एक बड़ी वजह यह भी थी कि जिस शीर्ष नेतृत्व के दम पर वह अपना कद स्थापित करना चाहते थे, उससे ही निराश थे. ऐसे में कांग्रेस छोड़ने के बाद हार्दिक ने शीर्ष नेतृत्व को लेकर खुलकर सवाल खड़ा किए और असंतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व बर्ताव का गुजरातियों के साथ नफरत वाला है. अब ऐसे में जहां साल के आखिर में चुनाव है तो वहीं, कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. हार्दिक पटेल पाटीदार समुदाय के बड़े नेता है. वह कई सीटों पर अपना प्रभाव रखते है. जिससे चुनाव में कांग्रेस को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा.

 

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